21 अक्टूबर को खुलने वाले जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लेकर जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। कई बड़े डोमेस्टिक और ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स इस आईपीओ में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स के अलावा दिग्गज ग्लोबल इंवेस्टर्स जैसे GIC, नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी की ओर से शुरुआती मांग करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की है। ये मांग करीब 30,200 करोड़ रुपये के इश्यू साइज से 8 गुना से भी ज्यादा है। सूत्रों ने शनिवार को ये जानकारी दी।
सरकारी इंवेस्टमेंट फंड्स, ग्लोबल लॉन्ग टर्म इंवेस्टर्स, भारत के प्रमुख म्यूचुअल फंड कंपनियों ने दिखाई दिलचस्पी
रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडरी जियो प्लेटफॉर्म्स का 30,213 करोड़ रुपये का आईपीओ बोली के लिए 21 अक्टूबर को खुलेगा। मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि 2.5 लाख करोड़ रुपये का ये आंकड़ा इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स की शुरुआती दिलचस्पी को बताता है। इस मांग में सरकारी इंवेस्टमेंट फंड्स, ग्लोबल लॉन्ग टर्म इंवेस्टर्स, भारत के प्रमुख म्यूचुअल फंड कंपनियां और इंश्योरेंस कंपनियां शामिल हैं।
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में पैसा लगाने को बेताब जीआईसी, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में दिलचस्पी दिखाने वाले प्रमुख ग्लोबल इंवेस्टर्स में जीआईसी, नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे सरकारी फंड्स के अलावा ब्लैकरॉक, फिडेलिटी और कैपिटल ग्रुप के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं।
LIC, एसबीआई म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने भी दिखाई दिलचस्पी
डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), एसबीआई म्यूचुअल फंड और एचडीएफसी म्यूचुअल फंड जैसी कंपनियों ने आईपीओ में दिलचस्पी दिखाई है। सूत्रों के अनुसार, इश्यू में निवेश में दिलचस्पी का दायरा पारंपरिक संस्थागत निवेशकों से कहीं ज्यादा है। टेक सेक्टर पर फोकस कई ग्लोबल इंवेस्टर्स और बड़े फैमिली इंवेस्टमेंट ऑफिस ने भी इस इश्यू में पर्याप्त निवेश मांग का संकेत दिया है। बताते चलें कि कंपनी ने अपने आईपीओ के तहत प्रत्येक शेयर के लिए 1065 रुपये से 1119 रुपये का प्राइस बैंड फिक्स किया है।
जियो प्लेटफॉर्म्स में मेटा और गूगल की भी बड़ी हिस्सेदारी
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। एंकर इंवेस्टर्स 19 अक्टूबर को बोली लगा सकेंगे। सूत्रों के अनुसार, एंकर इंवेस्टर्स की बोली के बाद तस्वीर साफ होगी कि अभी दिख रही भारी संस्थागत दिलचस्पी औपचारिक आवंटन और बाद में आईपीओ सब्सक्रिप्शन में किस लेवल तक बदलती है। कंपनी 28 अक्टूबर को बाजार में लिस्ट हो सकती है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स की 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके अलावा मेटा प्लेटफॉर्म्स से जुड़ी यूनिट की 9.98 प्रतिशत और गूगल इंटरनेशनल की 7.73 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
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