
भारतीय सड़कों पर राज करने वाली ‘Big Daddy of SUVs’ यानी महिंद्रा स्कॉर्पियो-N आज हर युवा और परिवार की पहली पसंद बन चुकी है। लेकिन क्या सिर्फ पसंद कर लेना काफी है? इसे अपने घर लाने के लिए आपके बैंक अकाउंट की सेहत कैसी होनी चाहिए और आपकी मासिक आय का गणित क्या होना चाहिए, आइए इसे विस्तार से समझते हैं।
कीमत और बजट का गणित
स्कॉर्पियो-N की एक्स-शोरूम कीमत लगभग ₹14 लाख से शुरू होकर ₹25 लाख (टॉप मॉडल) तक जाती है। अगर हम इसके सबसे लोकप्रिय Z4 या Z6 डीजल वेरिएंट की बात करें, तो ऑन-रोड कीमत (बीमा, आरटीओ और अन्य करों के साथ) करीब ₹18 लाख से ₹20 लाख के बीच बैठती है।
EMI का पूरा हिसाब-किताब
मान लीजिए आप स्कॉर्पियो-N का एक मध्यम वेरिएंट चुनते हैं जिसकी ऑन-रोड कीमत ₹19 लाख है।
- डाउन पेमेंट: सुरक्षित फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए आपको कम से कम 20% यानी ₹3.80 लाख का डाउन पेमेंट करना चाहिए।
- लोन राशि: अब आपका कुल बैंक लोन ₹15.20 लाख होगा।
- ब्याज दर और टेन्योर: यदि आप 9.5% की औसत ब्याज दर पर 5 साल (60 महीने) के लिए लोन लेते हैं, तो आपकी मासिक EMI लगभग ₹31,900 होगी।
कितनी होनी चाहिए आपकी सैलरी?
फाइनेंस की दुनिया में एक थंब रूल है- 20/4/10 का नियम। इसका मतलब है कि आपकी कार की EMI आपकी इन-हैंड सैलरी के 25% से 30% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। यदि आपकी EMI ₹32,000 है, तो आपकी मासिक इन-हैंड सैलरी कम से कम ₹1 लाख से ₹1.20 लाख होनी चाहिए। इससे कार की किस्त भरने के बाद भी आपके पास घर के खर्च, निवेश और इमरजेंसी फंड के लिए पर्याप्त पैसा बचेगा। यदि आपके पास कोई अन्य लोन (जैसे होम लोन या पर्सनल लोन) नहीं है, तो ₹80,000 की सैलरी पर भी आप रिस्क ले सकते हैं, लेकिन यह थोड़ा तनावपूर्ण हो सकता है।
छिपे हुए खर्चों को न भूलें
सिर्फ EMI देना ही काफी नहीं है। स्कॉर्पियो-N जैसी बड़ी SUV के साथ अन्य खर्च भी आते हैं:
- ईंधन: महीने में 1000 किमी चलने पर करीब ₹8,000-₹10,000 का खर्च।
- मेंटेनेंस: सालाना सर्विसिंग और बीमा रिन्यूअल के लिए हर महीने ₹2,000-₹3,000 अलग रखें।






































