
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने सोमवार को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में उनका नेट प्रॉफिट 13.91 प्रतिशत घटकर 10,657 करोड़ रुपये रहा। टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 12,380 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया था, जबकि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 12,075 करोड़ रुपये था। हालांकि, चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 4.86 प्रतिशत बढ़कर 67,087 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 63,973 करोड़ रुपये था।
दिसंबर तिमाही में कंपनी को मिली 9.3 अरब डॉलर की नई डील
टीसीएस के बयान के मुताबिक, दिसंबर तिमाही में उसका ऑपरेशनल प्रॉफिट मार्जिन सितंबर तिमाही के स्तर के समान 25.2 प्रतिशत रहा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में ये 24.5 प्रतिशत था। टीसीएस के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर के. कृतिवासन ने कहा कि सितंबर तिमाही में दर्ज वृद्धि की रफ्तार अगले तीन महीनों में भी जारी रही। उन्होंने बताया कि एआई सेगमेंट से प्राप्त सालाना राजस्व 17 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 1.8 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। दिसंबर तिमाही में कंपनी के कुल नई डील 9.3 अरब अमेरिकी डॉलर वैल्यू के रहे।
एचसीएल टेक के नेट प्रॉफिट में भी दर्ज की गई बड़ी गिरावट
उधर दूसरी तरफ, एचसीएल टेक का नेट प्रॉफिट भी चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 11.2 प्रतिशत गिरकर 4076 करोड़ रुपये रहा। एचसीएल ने सोमवार को शेयर बाजार दी गई सूचना में बताया कि पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में उन्हें 4591 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। हालांकि, चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 13.3 प्रतिशत बढ़कर 33,872 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में 29,890 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2025-26 की जुलाई-सितंबर तिमाही की तुलना में कंपनी का लाभ 3.7 प्रतिशत घटा, जबकि उसके राजस्व में 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।






































