गुरुवार का दिन इटली के क्रिकेट इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया। आईसीसी टी20 विश्व कप में पहली बार हिस्सा ले रही इटली की टीम ने नेपाल को करारी शिकस्त देकर न केवल अपनी पहली जीत दर्ज की, बल्कि दुनिया को यह भी दिखा दिया कि वह सिर्फ फुटबॉल तक सीमित देश नहीं है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, इटली ने पहले गेंदबाजी करते हुए नेपाल को 123 रन पर समेट दिया। स्पिनरों ने इस मुकाबले में अहम भूमिका निभाई, जिसमें क्रिशन कालुगामागे ने तीन विकेट लेकर विपक्षी बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। नियंत्रित और अनुशासित गेंदबाजी के दम पर इटली ने मैच की शुरुआत से ही पकड़ बना ली थी।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी इटली को उसके सलामी बल्लेबाज भाइयों एंथनी मोस्का और जस्टिन मोस्का ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने नाबाद साझेदारी करते हुए टीम को बिना कोई विकेट गंवाए और 44 गेंद शेष रहते जीत दिला दी। गौरतलब है कि दस विकेट से मिली यह जीत न केवल बड़ी रही, बल्कि टीम के आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई पर ले गई।
इटली की इस जीत की चर्चा वैश्विक स्तर पर हुई। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर इटली को बधाई दी। उन्होंने लिखा कि फुटबॉल के लिए प्रसिद्ध देश का क्रिकेट में इस तरह उभरना इस खेल के वैश्विक विस्तार का प्रमाण है। तेंदुलकर ने इटली की नियंत्रित और आक्रामक शैली की सराहना करते हुए इसे गर्व का क्षण बताया।
बता दें कि ग्रुप सी में इटली को पहले मुकाबले में स्कॉटलैंड से हार झेलनी पड़ी थी। हालांकि नेपाल पर बड़ी जीत ने उसका नेट रन रेट सुधार दिया और वह इंग्लैंड को पीछे छोड़कर तीसरे स्थान पर पहुंच गई। यह परिणाम अंकतालिका की स्थिति पर भी असर डालने वाला साबित हुआ।
आगे इटली को वेस्टइंडीज और इंग्लैंड जैसी मजबूत टीमों से भिड़ना है। जानकारों का मानना है कि यदि टीम इसी आत्मविश्वास और निर्भीकता के साथ खेलती रही तो वह टूर्नामेंट में बड़ा उलटफेर कर सकती है। फुटबॉल के लिए मशहूर देश में क्रिकेट का इस तरह उभार खेल जगत के लिए भी एक प्रेरक कहानी बनता जा रहा है।







































