14 मिनट पहले
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विजय थलापति की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज को लेकर मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। मद्रास हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सिंगल जज के उस आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी है, जिसमें फिल्म को U/A सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया गया था।
दरअसल, मद्रास हाईकोर्ट में 9 जनवरी की फिल्म से जुड़े मामले की दूसरी सुनवाई हुई। पहली सुनवाई में कोर्ट की सिंगल जज बेंच ने सुबह 10:30 बजे ही सीबीएफसी को U/A सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया था।
लेकिन हाईकोर्ट के इस फैसले को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC ) ने चुनौती देते हुए फिल्म की दोबारा जांच करने के लिए रीवाइजिंग कमेटी बनाने की मांग की।
सेंसर बोर्ड इस फैसले के खिलाफ रिट याचिका दायर की, जिसके बाद मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने रिलीज पर रोक लगाते हुए अगली सुनवाई 21 जनवरी तय की है।

विजय की फिल्म जन नायकन में बॉबी देओल मुख्य विलेन की भूमिका निभा रहे हैं।
पीठ ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि सीबीएफसी को फिल्म की रिलीज का विरोध करने के लिए उचित समय दिया जाना चाहिए था। चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस जी अरुल मुरुगन की डिवीजन बेंच ने फिल्ममेकर्स से सर्टिफिकेट मिलने से पहले ही रिलीज की डेट तय करने पर भी सवाल उठाया।
बेंच ने मेकर्स से कहा- ‘आपके पास सर्टिफिकेट नहीं है फिर आप फिल्म को रिलीज कैसे कर सकते हैं? आप रिलीज की तारीख तय नहीं कर सकते हैं और न ही सिस्टम पर दबाव डाल सकते हैं।’
सफाई में केवीएन प्रोडक्शंस को रिप्रेजेंट कर रहे सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने तर्क दिया कि सर्टिफिकेशन पैनल द्वारा फिल्म की समीक्षा किए जाने के बावजूद बोर्ड के केवल एक सदस्य ने ही शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कोर्ट को याद दिलाया कि जन नायकन’ को 9 जनवरी को रिलीज करने की योजना थी।

बता दें कि इससे पहले थलापति विजय की फिल्म जन नायकन 9 जनवरी को रिलीज होने वाली थी लेकिन रिलीज टल गई। फिल्म के प्रोडक्शन हाउस KVN प्रोडक्शन ने बयान जारी कर कहा, “हमें यह जानकारी भारी मन से शेयर करनी पड़ रही है। 9 जनवरी को रिलीज होने वाली फिल्म जन नायकन को कुछ ऐसे कारणों की वजह से टाल दिया गया है, जो हमारे कंट्रोल में नहीं थे।”






































