
उत्तरकाशी में फटा बादल
उत्तराखंड के उत्तरकाशी के धराली में साल 2025 के मानसून की सबसे बड़ी बादल फटने की घटना सामने आई है जिसमें कई लोगों के लापता होने की खबर है। लगातार हो रही बरसात पहाड़ों पर आफत बनकर बरस रही है। उत्तरकाशी के हर्षिल क्षेत्र में बादल फटने से 30 सेकेंड के भीतर सैलाब आया जिसमें कई लोग बह गए हैं। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची एसडीआरएफ, राजस्व, आर्मी आपदा दल मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। जानकारी के मुताबिक अचानक बादल फटने से खीर गाड़ में मलबे के साथ आए पानी के कारण कस्बे में कई घर सैलाब में बह गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना में अब तक 10 लोगों की मौत, 40 से ज्यादा लोगों के लापता और 100 से ज्यादा के फंसे होने की बात सामने आ रही है। सेना ने राहत कार्यों में तेजी लाते हुए 20 लोगों को रेस्क्यू भी कर लिया है।
5 होटल पूरी तरह तबाह
जानकारी के मुताबिक गंगोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव धराली में खीर गंगा नदी में आई विनाशकारी बाढ़ में 5 होटल पूरी तरह तबाह गए हैं। लोगों ने बताया कि खीर गंगा के जल ग्रहण क्षेत्र में ऊपर कहीं बादल फटा, जिसके कारण यह विनाशकारी बाढ़ आई है। विनाशकारी बाढ़ से लोगों में दहशत का माहौल व्याप्त है। उत्तरकाशी के डीएम प्रशांत आर्य ने बताया कि जिस जगह बदल फटा है वहां पर काफी होटल और रेस्टोरेंट हैं। आर्य ने बताया कि कुछ टूरिस्ट भी वहां फंसे हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना में 10 लोगों की मौत हुई है, और कई लोग लापता है। बचावकर्मियों ने 80 लोगों को रेस्क्यू कर लिया है।
देखें वीडियो
PM मोदी और गृह मंत्री ने की धामी से बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है। उन्होंने कहा, ‘उत्तरकाशी के धराली में हुई इस त्रासदी से प्रभावित लोगों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। इसके साथ ही सभी पीड़ितों की कुशलता की कामना करता हूं। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी से बात कर मैंने हालात की जानकारी ली है। राज्य सरकार की निगरानी में राहत और बचाव की टीमें हरसंभव प्रयास में जुटी हैं। लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है।’ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी धामी से बात की और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए 7 बचाव दल भेजने का आदेश दिया।
CM धामी ने क्या बताया?
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा- “धराली (उत्तरकाशी) क्षेत्र में बादल फटने से हुए भारी नुकसान का समाचार अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए SDRF, NDRF, जिला प्रशासन तथा अन्य संबंधित टीमें युद्ध स्तर पर जुटी हुई हैं। इस सम्बन्ध में लगातार वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क में हूं और स्थिति की गहन निगरानी की जा रही है। ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।” आपदा को देखते हुए जिला प्रशासन उत्तरकाशी ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिए हैं। लोग 01374-222126, 01374-222722 और 9456556431 पर कॉल करके जरूरी जानकारी ले सकते हैं।
2013 और 2018 में भी हुआ था नुकसान
इन घटनाओं से भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे अन्य क्षेत्रों में बाढ़ और लैंडस्लाइड का खतरा पैदा हो गया है। मौसम विभाग ने भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने बताया कि 2013 और 2018 में भी धराली में क्लाउडबर्स्ट से नुकसान हुआ था, लेकिन इस बार की तबाही अभूतपूर्व है। पर्यटकों की रौनक से गुलजार रहने वाला धराली का बाजार अब मलबे का ढेर बन गया है, और कुदरत के इस प्रकोप ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्र की कमजोरियों को उजागर किया है। (उत्तरकाशी से सुनील पांडेय की खबर)







































