सुपर आठ के मुकाबले जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे हैं, मुकाबलों की अहमियत भी बढ़ती जा रही है। ऐसे ही एक निर्णायक मैच से पहले जिम्बाब्वे के खेमे में सतर्कता साफ नजर आ रही है। चेन्नई में गुरुवार को भारत से भिड़ने से पहले जिम्बाब्वे के मुख्य कोच जस्टिन सैमन्स ने साफ संकेत दिया है कि उनकी टीम को भारत के आक्रामक तेवर के लिए तैयार रहना होगा।
बता दें कि जिम्बाब्वे को हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ 107 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा था। उस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने 254/6 का विशाल स्कोर बना दिया जिसने टूर्नामेंट का रुख बदल दिया। इस हार ने जिम्बाब्वे की रणनीतिक कमियों को उजागर कर दिया।
सैमन्स का मानना है कि भारत भी दक्षिण अफ्रीका से मिली हार के बाद जोरदार पलटवार करने की कोशिश करेगा। उनका कहना है कि भारत उसी अंदाज में बल्लेबाजी कर सकता है जैसा वेस्टइंडीज ने किया था और उनकी टीम को शुरुआत से ही दबाव झेलने के लिए तैयार रहना होगा।
गौरतलब है कि भारत इस समय टूर्नामेंट में बने रहने के लिए हर हाल में जीत चाहता है। ऐसे में सूर्यकुमार यादव की अगुआई में भारतीय बल्लेबाजी क्रम आक्रामक रणनीति अपना सकता है। सैमन्स ने स्वीकार किया कि उनकी गेंदबाजी वेस्टइंडीज के खिलाफ अनुमानित रही और उसी गलती को दोहराने की गुंजाइश नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों को दबाव के क्षणों में शांत रहकर तुरंत फैसले लेने होंगे और बल्लेबाजों की लय तोड़ने के तरीके खोजने होंगे। चेन्नई का मैदान बड़ा है, जो गेंदबाजों को थोड़ी राहत दे सकता है।
मुकाबला एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा। पारंपरिक तौर पर यह पिच स्पिनरों की मददगार मानी जाती है, लेकिन इस टूर्नामेंट में नई सतह पर बेहतर उछाल और रफ्तार भी देखने को मिली है। ऐसे में जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के सामने नई चुनौती होगी।
टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में सिकंदर रज़ा और आशीर्वाद मुज़ारबानी शामिल हैं, जो धीमी पिचों पर असरदार साबित होते रहे हैं। हालांकि अगर सतह तेज रही तो उन्हें अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है।
कुल मिलाकर यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए करो या मरो जैसा बन चुका है। भारत जहां अपनी उम्मीदें जिंदा रखना चाहता है, वहीं जिम्बाब्वे भी टूर्नामेंट में उलटफेर करने के इरादे से उतरेगा। चेन्नई में होने वाला यह टकराव सुपर आठ की तस्वीर को काफी हद तक साफ कर सकता है और दोनों टीमों की रणनीति की असली परीक्षा लेने वाला है।






































