17 मिनट पहले
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30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी मामले में फिल्ममेकर विक्रम भट्ट को मुंबई के यारी रोड इलाके से गिरफ्तार किया गया है।राजस्थान पुलिस और मुंबई पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर डायरेक्टर को उनकी साली के घर से गिरफ्तार किया है। अब राजस्थान पुलिस उन्हें अपने साथ उदयपुर ले जाने के लिए बांद्रा कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के लिए अप्लाई करेगी।
बता दें कि सात दिन पहले इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया से 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के आरोपी फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट सहित 6 आरोपियों के खिलाफ उदयपुर पुलिस ने लुक आउट नोटिस जारी किया था। सभी आरोपियों को 8 दिसंबर तक उदयपुर पुलिस के सामने पेश होने के लिए भी नोटिस दिए गए था। इसके अलावा इनमें से कोई भी आरोपी अब बिना मंजूरी के विदेश नहीं जा पाएंगे।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि लगभग 20 दिन पहले उदयपुर में विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट समेत 8 लोगों पर 30 करोड़ की धोखाधड़ी की FIR दर्ज हुई थी। दोनों पर उदयपुर के डॉक्टर को 200 करोड़ की कमाई का झांसा देकर ठगी करने का आरोप लगा था। भूपालपुरा पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक डॉ.अजय मुर्डिया ने फिल्म डायरेक्टर, उनकी पत्नी, बेटी कृष्णा निवासी अंधेरी वेस्ट, मुंबई, दिनेश कटारिया निवासी सहेली नगर उदयपुर, महबूब अंसारी प्रोड्यूसर निवासी ठाणे, मुदित बुटट्टान निवासी दिल्ली, गंगेश्वरलाल श्रीवास्तव डीएससी चेयरमैन, अशोक दुबे जनरल सेक्रेटरी, फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज मुंबई के खिलाफ रिपोर्ट दी।
इंदिरा आईवीएफ हॉस्पिटल के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया दिवंगत पत्नी पर बायोपिक बनाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने दिनेश कटारिया से संपर्क किया। कटारिया के कहने पर डॉ. मुर्डिया 25 अप्रैल 2024 को मुंबई स्थित वृंदावन स्टूडियो पहुंचे थे। कटारिया ने उन्हें विक्रम भट्ट से मिलवाया, जहां भट्ट से बायोपिक बनाने पर चर्चा हुई थी।
विक्रम भट्ट ने कहा था कि फिल्म निर्माण से जुड़े सभी कार्य वह कर लेगा और आप बस रुपए भेजते रहना। भट्ट ने यह भी बताया कि उनकी पत्नी और पुत्री दोनों फिल्म निर्माण के कार्य में एसोसिएट है। उन्होंने अपनी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट के नाम से एक वीएसबी एलएलपी नाम से रजिस्टर्ड फर्म बना रखी है।







































