6 घंटे पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र
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‘आर्टिकल 370’ में जूनी हक्सर के किरदार के लिए यामी गौतम को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान मिला।
टीवी से करियर शुरू करने वाली यामी गौतम ने 2012 में ‘विक्की डोनर’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया। पहली फिल्म हिट रही, लेकिन आगे का सफर आसान नहीं रहा। ‘टोटल सियापा’, ‘एक्शन जैक्सन’, ‘सनम रे’, ‘जुनूनियत’, ‘सरकार 3’ और ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ के बॉक्स ऑफिस पर निराशाजनक प्रदर्शन के बीच उन्होंने एक्टिंग छोड़कर हिमाचल प्रदेश में खेती करने का मन बना लिया था।
यामी ने बताया कि उन्होंने वहां जमीन खरीदी थी। ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ नहीं चलती तो वह बैग पैक करके घर लौट जातीं। हालांकि, ‘उरी’ और ‘बाला’ की सफलता ने उनके करियर को नई दिशा दी। बाद में ‘ओएमजी 2’ और ‘आर्टिकल 370’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अभिनय क्षमता साबित की। ‘आर्टिकल 370’ में ज़ूनी हक्सर के किरदार के लिए उन्हें 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान मिला।
आज की सक्सेस स्टोरी में यामी गौतम के करियर से जुड़ी कुछ खास बातें।

टीवी से बॉलीवुड तक का सफर, पहली फिल्म से मिली पहचान
यामी गौतम ने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे। बॉलीवुड में कदम रखने से पहले उन्होंने टेलीविजन पर काम किया। ‘चांद के पार चलो’ और ‘ये प्यार न होगा कम’ जैसे शोज से उन्हें पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने फिल्मों की ओर रुख किया।
यामी ने 2012 में रिलीज हुई ‘विक्की डोनर’ से हिंदी सिनेमा में डेब्यू किया। शूजित सरकार के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उनके साथ आयुष्मान खुराना थे। स्पर्म डोनेशन जैसे संवेदनशील विषय पर बनी कॉमेडी-ड्रामा को दर्शकों ने पसंद किया। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और यामी को पहचान मिली।
पहली फिल्म की सफलता के बाद यामी के करियर से तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद थी। हालांकि, बॉलीवुड में एक हिट फिल्म से लंबी पारी तय नहीं होती। कलाकार को लगातार अच्छी भूमिकाओं और सफल फिल्मों की जरूरत होती है। यामी के साथ भी यही हुआ। डेब्यू के बाद उन्हें कई फिल्मों में काम मिला, लेकिन सभी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफल नहीं रहीं।

‘विक्की डोनर’ के बाद फिल्मों का ऐसा रहा रिपोर्ट कार्ड
यामी गौतम की ‘विक्की डोनर’ अप्रैल 2012 में रिलीज हुई थी, जबकि ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ जनवरी 2019 में रिलीज हुई। दोनों फिल्मों के बीच लगभग सात साल का अंतर था। इस दौरान यामी ने कई फिल्मों में काम किया। कुछ ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि कुछ उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं।
2014: ‘टोटल सियापा’ और ‘एक्शन जैक्सन’ रहीं असफल
‘विक्की डोनर’ के बाद यामी की अगली प्रमुख हिंदी फिल्म ‘टोटल सियापा’ थी। 2014 में आई इस रोमांटिक कॉमेडी में उनके साथ अली जफर थे। फिल्म को दर्शकों का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। बॉक्स ऑफिस इंडिया ने इसे डिजास्टर की श्रेणी में रखा।
इसी साल यामी अजय देवगन और सोनाक्षी सिन्हा के साथ ‘एक्शन जैक्सन’ में नजर आईं। प्रभुदेवा के निर्देशन में बनी इस एक्शन फिल्म से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन निराशाजनक रहा। बॉक्स ऑफिस इंडिया के मुताबिक, फिल्म फ्लॉप रही।
इन फिल्मों से स्पष्ट हुआ कि ‘विक्की डोनर’ की सफलता दोहराना यामी के लिए आसान नहीं था। हालांकि, उन्होंने काम जारी रखा और अलग-अलग तरह की भूमिकाएं स्वीकार कीं।

‘बदलापुर’ एक एक्शन क्राइम ड्रामा है, जिसमें यामी गौतम, वरुण धवन और नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं।
2015: ‘बदलापुर’ से मिली राहत
2015 में यामी गौतम वरुण धवन अभिनीत ‘बदलापुर’ में नजर आईं। श्रीराम राघवन के निर्देशन में बनी इस क्राइम थ्रिलर में उन्होंने मिशा का किरदार निभाया था। नवाजुद्दीन सिद्दीकी और हुमा कुरैशी भी अहम भूमिकाओं में थे।
‘बदलापुर’ में यामी की भूमिका उनकी दूसरी फिल्मों से अलग थी। फिल्म की गंभीर कहानी बदले, अपराध और मानवीय भावनाओं के इर्द-गिर्द घूमती थी। इसे अच्छा प्रतिसाद मिला और बॉक्स ऑफिस इंडिया ने हिट बताया।
इस सफलता से यामी को राहत मिली। इससे पता चला कि वह रोमांटिक कॉमेडी के अलावा गंभीर और गहरे विषयों वाली कहानियों में भी काम कर सकती हैं।
2016: ‘सनम रे’ और ‘जुनूनियत’ से नहीं मिला अपेक्षित फायदा
2016 यामी के लिए फिर चुनौतीपूर्ण रहा। वह दिव्या खोसला कुमार की निर्देशित ‘सनम रे’ में पुलकित सम्राट के साथ नजर आईं। फिल्म रोमांटिक कहानी पर आधारित थी और इसके संगीत की भी चर्चा हुई। इसके बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही। बॉक्स ऑफिस इंडिया ने इसे फ्लॉप बताया।
इसी साल पुलकित सम्राट के साथ उनकी एक और रोमांटिक फिल्म ‘जुनूनियत’ रिलीज हुई। यह भी बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। बॉक्स ऑफिस इंडिया ने इसे डिजास्टर की श्रेणी में रखा।
लगातार दो फिल्मों की असफलता से यामी के करियर में संघर्ष का दौर लंबा हुआ। हालांकि, फिल्में न चलने का मतलब यह नहीं था कि उनके पास काम नहीं था। वह लगातार फिल्मों में नजर आ रही थीं, लेकिन हर फिल्म उनके करियर को नई ऊंचाई नहीं दे पा रही थी।

‘काबिल’ ने बॉक्स ऑफिस पर ठीक-ठाक प्रदर्शन किया, लेकिन ‘सरकार 3’ असफल रही।
2017: ‘काबिल’ और ‘सरकार 3’ के मिले अलग-अलग नतीजे
2017 में यामी ऋतिक रोशन के साथ ‘काबिल’ में नजर आईं। संजय गुप्ता के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उन्होंने सुप्रिया भटनागर की भूमिका निभाई थी। फिल्म ऐसे दंपती की कहानी थी, जिनकी जिंदगी एक अपराध के बाद बदल जाती है।
‘काबिल’ ने बॉक्स ऑफिस पर ठीक-ठाक प्रदर्शन किया, लेकिन इसकी सफलता पर ट्रेड वेबसाइटों की राय अलग-अलग रही। बॉक्स ऑफिस इंडिया ने इसे ‘बिलो एवरेज’ बताया, जबकि कुछ अन्य ट्रेड ट्रैकर्स का आकलन अलग था।
इसी साल यामी राम गोपाल वर्मा की ‘सरकार 3’ में भी नजर आईं। अमिताभ बच्चन अभिनीत इस राजनीतिक क्राइम ड्रामा में उन्होंने अनु करकरे का किरदार निभाया। फिल्म दर्शकों पर खास प्रभाव नहीं छोड़ पाई। बॉक्स ऑफिस इंडिया ने इसे डिजास्टर बताया।
2017 में यामी की एक फिल्म ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि दूसरी असफल रही।
2018: ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ भी नहीं बचा पाई करियर
2018 में यामी शाहिद कपूर और श्रद्धा कपूर के साथ ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ में नजर आईं। फिल्म बिजली की बढ़ती कीमतों और वितरण व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर आधारित थी। यामी ने इसमें वकील गुलनार रिजवी की भूमिका निभाई।
सामाजिक मुद्दे पर आधारित होने के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हुई। बॉक्स ऑफिस इंडिया ने इसे फ्लॉप घोषित किया।
इस फिल्म के बाद यामी के सामने फिर सवाल था कि आगे का रास्ता क्या होगा। ‘विक्की डोनर’ जैसी सफल शुरुआत के बावजूद उनकी कई फिल्में असफल रही थीं। ‘बदलापुर’ और ‘काबिल’ से कुछ राहत मिली थी, लेकिन वह लगातार सफल फिल्में नहीं दे पाई थीं।
इसी दौर में यामी ने एक्टिंग छोड़कर हिमाचल प्रदेश लौटने के बारे में गंभीरता से सोचना शुरू कर दिया था।
जब एक्टिंग छोड़ हिमाचल में खेती करना चाहती थीं
यामी गौतम ने द इंडियन एक्सपेस से बातचीत में बताया था कि एक समय वह मुंबई में करियर छोड़कर हिमाचल प्रदेश लौटने के लिए तैयार थीं। उन्होंने वहां जमीन खरीदी थी। उन्होंने सोचा था कि अगली फिल्म सफल नहीं हुई तो बैग पैक करके घर चली जाएंगी और खेती-बाड़ी करेंगी।
यामी के बयान से उनके करियर के संघर्ष का दूसरा पहलू सामने आता है। बाहर से किसी अभिनेत्री का लगातार फिल्में करना सामान्य लग सकता है, लेकिन अनिश्चितता के बीच सफलता का इंतजार करना आसान नहीं होता।
यामी ने टीवी से शुरुआत कर बॉलीवुड में अपनी जगह बनाई। पहली फिल्म सफल रही, लेकिन आगे उन्हें लगातार वैसी सफलता नहीं मिली। उन्होंने अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं, पर बॉक्स ऑफिस के नतीजे हमेशा उनके पक्ष में नहीं रहे।
ऐसे में हिमाचल लौटकर नई जिंदगी शुरू करना उनके लिए विकल्प बन गया था। खेती सिर्फ शौक नहीं, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री में आगे बढ़ना मुश्किल लगने पर अपनाया जा सकने वाला वैकल्पिक रास्ता था।
हालांकि, यामी ने तब अभिनय छोड़ने का अंतिम फैसला नहीं किया। उनकी अगली फिल्म ने करियर की दिशा बदल दी।

‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ ने बदल दी किस्मत
11 जनवरी 2019 को रिलीज हुई ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ यामी गौतम के करियर की अहम फिल्मों में शामिल हो गई। आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म में विक्की कौशल मुख्य भूमिका में थे। इसकी कहानी 2016 के उरी आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई पर आधारित थी।
यामी ने फिल्म में पल्लवी शर्मा का किरदार निभाया। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और यामी के करियर को भी नई गति मिली।
बॉक्स ऑफिस इंडिया ने ‘उरी’ को सुपर ब्लॉकबस्टर बताया। यह सफलता यामी के लिए खास थी, क्योंकि इससे पहले उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल रही थीं।
हिमाचल लौटकर खेती करने के बारे में सोचते समय मिली इस सफलता ने उनके लिए नए अवसर खोले। उनका अभिनय करियर जारी रहा और बाद की फिल्मों ने उनकी पहचान मजबूत की।

‘बाला’ ने सफलता पर लगाई मुहर
‘उरी’ के बाद यामी गौतम ने उसी साल ‘बाला’ में काम किया। आयुष्मान खुराना और भूमि पेडनेकर अभिनीत इस कॉमेडी-ड्रामा में उन्होंने परी मिश्रा का किरदार निभाया।
फिल्म ने खूबसूरती, सामाजिक धारणाओं और लोगों के नजरिए जैसे विषयों को मनोरंजक अंदाज में पेश किया। ‘बाला’ बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। बॉक्स ऑफिस इंडिया ने इसे सुपर हिट बताया।
‘उरी’ और ‘बाला’ की लगातार सफलताओं से यामी का करियर मजबूत हुआ। इसके बाद उन्हें अलग-अलग तरह की कहानियों में काम करने के अवसर मिले। उन्होंने ऐसे किरदारों को प्राथमिकता दी, जिनमें अभिनय दिखाने की गुंजाइश थी।

फिल्म OMG 2 के कोर्ट रूम सीन में पंकज त्रिपाठी के साथ यामी गौतम। 50 करोड़ में बनी इस फिल्म ने 221.08 करोड़ का कलेक्शन किया था।
‘ओएमजी 2’ और ‘आर्टिकल 370’ से साबित की अभिनय क्षमता
2024 में रिलीज हुई ‘आर्टिकल 370’ भी उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल हुई। आदित्य सुहास जांभले के निर्देशन में बनी इस फिल्म में यामी ने एनआईए अधिकारी ज़ूनी हक्सर की भूमिका निभाई।
यह किरदार उनके पहले के कई किरदारों से अलग था। इसमें अधिकारी की पेशेवर जिम्मेदारी, कठिन परिस्थितियों में फैसले लेने की क्षमता और सुरक्षा संबंधी कार्रवाई की चुनौतियां दिखाई गईं। यामी के अभिनय को सराहना मिली और फिल्म ने अच्छा प्रदर्शन किया।
2026 में घोषित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। फिल्म को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का सम्मान भी मिला। यह उनके करियर का बड़ा पड़ाव है।

यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला।
‘धूम धाम’, ‘हक’ और ‘नई नवेली’ में दिखाए अलग-अलग रंग
2025 में यामी ‘धूम धाम’ और ‘हक’ में नजर आईं। ‘धूम धाम’ में उन्होंने कॉमेडी और एक्शन के मेल वाली कहानी में काम किया, जबकि ‘हक’ में शाज़िया बानो का गंभीर किरदार निभाया।
‘हक’ में उनके किरदार का संघर्ष और न्याय से जुड़ा पक्ष कहानी का अहम हिस्सा था। दोनों फिल्मों ने दिखाया कि यामी अपनी भूमिकाओं को एक ही शैली तक सीमित नहीं रखना चाहतीं।
2026 में यामी ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में कैमियो करती नजर आईं। उन्होंने शाज़िया बानो के किरदार से दर्शकों को सरप्राइज दिया। वहीं, 16 अक्टूबर को रिलीज हुई ‘नई नवेली’ में वह बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आईं।

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