
उत्तर प्रदेश में हाईवे कनेक्टिविटी को एक नई रफ्तार मिलने वाली है। राज्य सरकार अब यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे को एक-दूसरे से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इस लिंक एक्सप्रेसवे के बनने के बाद दिल्ली-NCR से पश्चिमी यूपी और प्रयागराज तक का सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान, फास्ट और सीधा हो जाएगा। यह कनेक्टिविटी सिर्फ यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि उद्योगों, एयर कार्गो और निवेश के लिए भी गेमचेंजर साबित हो सकती है।
यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की टीम ने हाल ही में यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें इस ग्रीनफील्ड लिंक रोड के डिजाइन पर विस्तार से चर्चा की गई। 120 मीटर चौड़ा यह एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के सियाना क्षेत्र से शुरू होकर यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर-21, फिल्म सिटी के पास जुड़ने तक बनाया जाएगा।
दो डिजाइन पर मंथन
यमुना सिटी के सेक्टरों की सड़कों को काटने से बचाने के लिए इस लिंक एक्सप्रेसवे को पूरी तरह एलिवेटेड या आधा एलिवेटेड और आधा जमीन पर बनाने पर विचार किया जा रहा है। इसमें लगभग 20 किलोमीटर हिस्सा यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में आएगा। कुल मिलाकर यह परियोजना 56 गांवों की भूमि पर तैयार होगी और अनुमानित लागत करीब 4,000 करोड़ रुपये बताई गई है।
नोएडा एयरपोर्ट और औद्योगिक सेक्टरों को मिलेगी बड़ी राहत
लिंक एक्सप्रेसवे का सीधा कनेक्शन यमुना सिटी के औद्योगिक सेक्टर-28, 29, 32 और 33 से होगा। इससे कार्गो और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंच आसान होगी। एयरपोर्ट के संचालन शुरू होने के बाद यह लिंक रोड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, क्योंकि इससे दिल्ली-मथुरा-आगरा-मेरठ और प्रयागराज तक की दूरी काफी कम हो जाएगी। प्राधिकरण एनएच-34 से भी इस लिंक को जोड़ने की संभावना पर विचार कर रहा है।
मेरठ-प्रयागराज जाना होगा आसान
जैसे ही यह लिंक रोड तैयार होगा, गंगा एक्सप्रेसवे सीधे यमुना एक्सप्रेसवे से कनेक्ट हो जाएगा। इसके बाद आगरा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और आने-जाने वाले यात्रियों को बेहतर और तेज रूट मिलेगा। इससे मेरठ से प्रयागराज तक की हाई-स्पीड यात्रा को भी नई दिशा मिलेगी।
यूपीडा के एसीईओ का बयान
यूपीडा के एसीईओ एस.पी. शाही ने कहा कि एक्सप्रेसवे के डिजाइन पर बातचीत जारी है और निर्माण मॉडल पर जल्द अंतिम निर्णय किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।







































