अक्टूबर का महीना शेयर बाजार के निवेशकों के लिए काफी हलचल भरा रह सकता है। इस महीने जियो प्लेटफॉर्म्स, जेटवर्क, फ्यूजन सीएक्स और एचडी फायर प्रोटेक्ट समेत करीब एक दर्जन कंपनियां IPO के जरिए बाजार में उतरने की तैयारी में हैं। ये कंपनियां टेक्नोलॉजी, डिफेंस, हेल्थकेयर, रिन्यूएबल एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे अलग-अलग सेक्टर से जुड़ी हैं। कुछ कंपनियां नए शेयर जारी कर पैसा जुटाएंगी, जबकि कुछ के मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। ऐसे में निवेशकों की नजर इन इश्यू पर रहने वाली है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 21 से 23 अक्टूबर के बीच खुलने की जानकारी दी गई है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, यह देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है। वहीं, टेक्नोलॉजी आधारित मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म जेटवर्क का करीब ₹5,000 करोड़ का IPO 15 से 19 अक्टूबर तक खुलने वाला है। इसमें ₹2,600 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे।
इसके अलावा, फायर प्रोटेक्शन उपकरण बनाने वाली HD फायर प्रोटेक्शन का ₹712 करोड़ का IPO 12 से 15 अक्टूबर तक खुलेगा। इसका प्राइस बैंड ₹258 से ₹271 प्रति शेयर है। फ्यूजन सीएक्स का ₹702 करोड़ का IPO 14 से 16 अक्टूबर तक खुलेगा, जिसका प्राइस बैंड ₹275 से ₹289 तय किया गया है।
15 अक्टूबर से कई IPO में निवेश का मौका
15 से 19 अक्टूबर के दौरान कई अन्य कंपनियों के IPO भी खुलने वाले हैं। इनमें डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी टोंबो इमेजिंग, बोनफिगलिओली ग्रुप की भारतीय यूनिट बोनफिग्लिओली ट्रांसमिशन और मेडिकल डिवाइस निर्माता सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। इन तीनों इश्यू में मौजूदा शेयरधारक ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए शेयर बेचेंगे।
अवाडा इलेक्ट्रो और पारस हेल्थकेयर भी कतार में
आने वाले IPO की लिस्ट में अवाडा इलेक्ट्रो का ₹7,600 करोड़, पारस हेल्थकेयर का ₹1,800 करोड़ और NDR InvIT ट्रस्ट का ₹750 करोड़ का प्रस्तावित इश्यू भी शामिल है। गुजरात विक्ट्री फोर्जिंग्स और एसएफसी एनवायरनमेंटल टेक ने भी IPO लाने की योजना बनाई है। इन इश्यू की तारीखों और अंतिम शर्तों की पुष्टि संबंधित घोषणाओं से करना जरूरी है।
2026 में अब तक ₹1.1 लाख करोड़ से ज्यादा जुटाए
बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद 2026 के पहले नौ महीनों में 96 कंपनियों ने IPO के जरिए ₹1.1 लाख करोड़ से अधिक जुटाए। सितंबर में ही 35 IPO आए थे। विशेषज्ञों के मुताबिक, निवेशक उन कंपनियों को प्राथमिकता दे सकते हैं जिनकी कमाई की संभावनाएं स्पष्ट हों, कॉर्पोरेट गवर्नेंस मजबूत हो और वैल्यूएशन उचित हो।
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