ओडिशा विजिलेंस विभाग की टीम ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में कंधमाल जिले के बलिगुड़ा स्थित आईटीडीए के सहायक कार्यकारी अभियंता बैकुंठ नाथ बेहरा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। शुक्रवार 6 जून 2026 को विजिलेंस की टीम ने राज्य के विभिन्न स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर करोड़ों रुपये की संपत्ति का खुलासा किया है। जानकारी के अनुसार, विजिलेंस विभाग को बैकुंठ नाथ बेहरा के पास उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति होने की शिकायत मिली थी। इसी आधार पर विशेष न्यायाधीश (विजिलेंस), भुवनेश्वर द्वारा जारी सर्च वारंट के तहत उनके और उनके परिजनों से जुड़े कुल 9 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया।
ओडिशा के कई जिलों में की गई छापेमारी
विजिलेंस विभाग की इस कार्रवाई में 2 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 5 डीएसपी, 6 इंस्पेक्टर और अन्य कर्मचारियों को शामिल किया गया। तलाशी भुवनेश्वर, बारिपदा, जाजपुर जिले के धर्मशाला और कंधमाल जिले के बलिगुड़ा में की गई। जिन प्रमुख स्थानों पर छापेमारी की गई उनमें भुवनेश्वर के नीलाद्री विहार, सैलश्री विहार, कानन विहार और चंद्रशेखरपुर स्थित आलीशान मकान शामिल हैं। इसके अलावा जाजपुर जिले के धर्मशाला स्थित पैतृक घर, बारिपदा में रिश्तेदार का घर, एक अन्य रिश्तेदार का मकान, बलिगुड़ा स्थित कार्यालय कक्ष तथा सरकारी आवास की भी तलाशी ली गई।
छापेमारी के दौरान आलीशन बंगलों का पता चला।
कई जगहों पर मकान और जमीन का खुलासा
विजिलेंस की प्रारंभिक जांच में बैकुंठ नाथ बेहरा और उनके परिवार के नाम पर बड़ी मात्रा में अचल और चल संपत्ति का पता चला है। जांच के दौरान कुल पांच बड़ी इमारतों का पता चला है। सबसे बड़ी संपत्ति भुवनेश्वर के नीलाद्री विहार में स्थित लगभग 10,500 वर्गफुट क्षेत्रफल वाली चार मंजिला इमारत मिली। इसके अलावा सैलश्री विहार में तीन मंजिला भवन और कानन विहार में 3,750 वर्गफुट क्षेत्रफल वाला दो मंजिला मकान मिला है। चंद्रशेखरपुर क्षेत्र में 2,500 वर्गफुट का एक और दो मंजिला मकान तथा जाजपुर जिले के धर्मशाला स्थित पैतृक जमीन पर बना दो मंजिला भवन भी जांच में सामने आया है। इनमें से चार भवन भुवनेश्वर के प्रमुख इलाकों में स्थित हैं और काफी मूल्यवान माने जा रहे हैं।
गहनों का किया जा रहा मुल्यांकन
तलाशी के दौरान कुल 13 उच्च मूल्य वाले प्लॉटों का भी पता चला है। इनमें से 7 प्लॉट भुवनेश्वर के प्रमुख क्षेत्रों में स्थित हैं। इसके अलावा 5 प्लॉट जाजपुर जिले के धर्मशाला क्षेत्र में और 1 प्लॉट बारिपदा क्षेत्र में मिला है। भुवनेश्वर के नीलाद्री विहार, सैलश्री विहार, गोविंदप्रसाद, बोमिकहाल, घाटिकिया और जतनी इलाके में जमीन होने की जानकारी मिली है। वहीं धर्मशाला और बारिपदा में भी कई भूखंडों का पता चला है। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने 2 लाख 66 हजार 400 रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा सोने के गहनों का वजन और मूल्यांकन भी किया जा रहा है। विजिलेंस बैंक खातों, डाकघर जमा योजनाओं और अन्य वित्तीय निवेशों की भी जांच कर रही है।
रिश्तेदारों के ठिकानों पर भी हुई छापेमारी।
लॉकर से बरामद हुई 2 करोड़ की नकदी
मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा बैंक लॉकरों से हुआ है। जांच के दौरान पता चला कि बैकुंठ नाथ बेहरा की पत्नी के नाम पर भुवनेश्वर के चंद्रशेखरपुर स्थित एक्सिस बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखाओं में दो लॉकर मौजूद हैं। लॉकर खोले जाने के बाद उनमें से लगभग 2 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए हैं। अधिकारियों द्वारा नोटों की गिनती बैंक मशीनों के जरिए की जा रही है। इस बरामदगी के बाद मामले ने और अधिक गंभीर रूप ले लिया है। विजिलेंस की तकनीकी शाखा सभी भवनों और जमीनों का माप तथा बाजार मूल्यांकन कर रही है। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद संपत्तियों की वास्तविक कीमत सामने आएगी।
तलाशी अभियान अभी भी जारी
फिलहाल तलाशी और जांच अभी जारी है। सभी संपत्तियों के दस्तावेज, बैंक खातों, निवेशों और अन्य वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच की जा रही है। सभी संपत्तियों का मूल्यांकन पूरा होने और जांच समाप्त होने के बाद आय से अधिक संपत्ति के मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस कार्रवाई को हाल के सालों में ओडिशा विजिलेंस की सबसे बड़ी आय से अधिक संपत्ति संबंधी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।
कौन है बैकुंठ नाथ बेहरा?
बैकुंठ नाथ बेहरा की बात करें तो उनका जन्म 13 जून 1974 को हुआ था। उन्होंने 16 अगस्त 1999 को सरकारी सेवा में जूनियर इंजीनियर के रूप में प्रवेश किया था। उस समय उनका शुरुआती वेतन मात्र 6,000 रुपये प्रतिमाह था। उनकी पहली नियुक्ति नबरंगपुर ब्लॉक में हुई थी। बाद में उनका तबादला आईटीडीए उदला किया गया। इसके बाद उन्होंने कुसुमगुड़ा ब्लॉक, डाबुगांव ब्लॉक और आईटीडीए नबरंगपुर में विभिन्न पदों पर काम किया। 31 अक्टूबर 2016 को उन्हें सहायक अभियंता के पद पर पदोन्नति मिली। फरवरी 2026 में उन्हें सहायक कार्यकारी अभियंता बनाया गया और बलिगुड़ा आईटीडीए में पदस्थापित किया गया, जहां वे वर्तमान में कार्यरत हैं। (इनपुट- शुभम कुमार)
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