नई दिल्ली: देशभर में 1000 से ज्यादा फर्जी धमकी, संदेश के जरिए भेजने वाला शख्स कर्नाटक से गिरफ्तार हो चुका है। शख्स की पहचान 47 साल के श्रीनिवास लुईस के रूप में हुई है। पूछताछ में लुईस ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
पूछताछ में लुईस ने क्या बताया?
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, “देशभर के कई संस्थानों, उच्च न्यायालयों और सरकारी कार्यालयों को निशाना बनाकर 1,000 से अधिक फर्जी धमकी भरे संदेश भेजने के आरोप में गिरफ्तार 47 वर्षीय श्रीनिवास लुईस को 6 दिन की दिल्ली पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पता चला है कि कर्नाटक के मैसूरु में उनका जमीन विवाद था और उनके पिता को उनका हिस्सा नहीं मिल रहा था। इसी वजह से श्रीनिवास लुईस कानून की पढ़ाई करना चाहते थे और न्याय न मिलने से अदालत से नाराज थे।”
असिस्टेंट प्रोफेसर भी रह चुका है लुईस
श्रीनिवास लुईस ने नेट परीक्षा पास की थी और वह असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में भी काम कर चुका है। उसने धमकी देने वाले अधिकांश ईमेल/संदेश अपने फोन से भेजे थे। पुलिस टीम उसका फोन जब्त करने के लिए मैसूरु गई है।
लुईस अपना आईपी एड्रेस छिपाने में माहिर था। उसने पाकिस्तान के कुछ शहरों में भी ईमेल भेजे थे। पकड़े जाने के डर से वह लगातार अपना पता बदल रहा था। कई शहरों की अदालतों के अलावा, सर्वोच्च न्यायालय भी उसके निशाने पर था।
कौन है धमकियां देने वाला श्रीनिवास लुईस?
दिल्ली में हाई कोर्ट, स्कूल, अस्पताल और कई अन्य जगहों पर बम की धमकी देने वाला शख्स कर्नाटक का रहने वाला है। दिल्ली पुलिस ने उसे कर्नाटक से गिरफ्तार किया था। उसका बैकग्राउंड भी चौंकाने वाला है। वह NET क्वालीफाई है और असिस्टेंट प्रोफेसर रहा है। उसके मुताबिक, न्याय नहीं मिलने से वह कोर्ट से नाराज था। फिलहाल वह कर्नाटक में अपनी मां के साथ रह रहा था। दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।






































