नई दिल्ली: एयर इंडिया ने बुधवार को पूर्व गुजरात मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की बेटी राधिका मिश्रा के आरोपों पर सफाई जारी करते हुए कहा कि विमान दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों पर अंतिम मुआवजा स्वीकार करने के लिए किसी भी तरह का दबाव नहीं बनाया जा रहा है। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट आने से पहले मुआवजा लेने या कानूनी अधिकार छोड़ने के लिए परिवारों को मजबूर किए जाने के आरोप सही नहीं हैं।
राधिका मिश्रा ने लगाए थे गंभीर आरोप
दरअसल, राधिका मिश्रा ने एन चंद्रशेखरन को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि एयर इंडिया पीड़ित परिवारों पर अंतिम मुआवजा समझौते के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बना रही है। उनका कहना था कि दुर्घटना के कारणों की पूरी सच्चाई सामने आने से पहले ही परिवारों से उनके मुकदमा दायर करने के अधिकार छोड़ने की बात कही जा रही है। इन आरोपों के जवाब में एयर इंडिया ने कहा कि किसी भी शोकग्रस्त परिवार या व्यक्ति के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई है और न ही उन पर किसी प्रकार का दबाव डाला जा रहा है।
‘परिजन चाहें तो इंतजार कर सकते हैं’
एयरलाइन ने हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि परिवार चाहें तो अंतिम जांच रिपोर्ट आने तक इंतजार कर सकते हैं। एयर इंडिया ने यह भी कहा कि दुर्घटना की जांच स्वतंत्र रूप से एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जा रही है। इसलिए एयरलाइन को यह जानकारी नहीं है कि जांच रिपोर्ट कब सार्वजनिक की जाएगी। एयरलाइन के मुताबिक, अंतिम मुआवजा प्रक्रिया अक्टूबर 2025 में शुरू की गई थी। उस समय अधिकांश अंतरिम भुगतान पूरे हो चुके थे और पीड़ित परिवारों को दावा प्रपत्र उपलब्ध करा दिए गए थे।
‘विकल्प चुनने के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा’
एयरलाइन ने अपने बयान में कहा कि एयर इंडिया उन परिवारों के साथ लगातार बातचीत कर रही है जो मुआवजा प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहते हैं। कंपनी ने कहा कि परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता प्राप्त करने और जांच रिपोर्ट का इंतजार करने के बीच किसी एक विकल्प को चुनने के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा है। एयर इंडिया ने यह भी बताया कि उसकी मूल कंपनी टाटा ग्रुप लगातार राहत और सहायता कार्यों में जुटा हुआ है।
विजय रूपाणी फ्लाइट AI-171 में थे सवार
एयरलाइन ने जानकारी दी कि टाटा समूह द्वारा स्थापित AI-171 मेमोरियल एंड वेलफेयर ट्रस्ट के माध्यम से हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले लगभग सभी परिवारों को एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जा चुकी है। यह सहायता औपचारिक मुआवजा प्रक्रिया से अलग है। बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 में सवार थे। वह अपनी बेटी से मिलने जा रहे थे, तभी उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
विमान हादसे में हुई थी 260 लोगों की मौत
यह हादसा तब हुआ जब बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल कैंपस पर गिर गया। इस भीषण दुर्घटना में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई, जबकि जमीन पर मौजूद 19 लोगों ने भी जान गंवा दी। कुल मिलाकर इस हादसे में 260 लोगों की मृत्यु हुई थी।







































