उत्तराखंड के पहाड़ी गांवों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत है तो सिर्फ उसे सही मंच और अवसर मिलने की। अल्मोड़ा जिले में श्री जागेश्वर धाम के समीप स्थित काफलीखाना गांव के युवा इनोवेटर रवि टम्टा ने अपनी तकनीकी सोच और मेहनत से ऐसा प्रोटोटाइप तैयार किया है, जिसने इन दिनों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। रवि टम्टा और उनकी टीम द्वारा तैयार किए गए HAPIDA SKYNEX प्रोटोटाइप ने टेस्ट फ्लाइट के दौरान हवा में उड़ान भरी है। टेस्ट फ्लाइट के बाद यह प्रोटोटाइप सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
इनोवेशन के बारे में क्या पता लगा?
जानकारी के मुताबिक, HAPIDA SKYNEX एक सिंगल-सीटर पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल है, जिसे ड्रोन तकनीक को संशोधित और विकसित करके तैयार किया गया है। अल्मोड़ा में खुले मैदान में इसके परीक्षण के दौरान वाहन को उड़ाया गया। इसकी उड़ान के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं और लोग पहाड़ के इस युवा की तकनीकी प्रतिभा की जमकर सराहना कर रहे हैं।
रवि टम्टा के बारे में जानिए
रवि टम्टा अल्मोड़ा के काफलीखाना गांव से आते हैं। उनकी कंपनी HAPIDA के अनुसार, वे लंबे समय से पहाड़ी क्षेत्रों और ग्रामीण जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए विज्ञान एवं तकनीक आधारित प्रयोग करते रहे हैं। उनका उद्देश्य ऐसी तकनीक विकसित करना है, जो पहाड़ों और गांवों में रहने वाले लोगों की रोजमर्रा की चुनौतियों को कम कर सके। रवि के इनोवेशन का सफर केवल उड़ने वाले वाहन तक सीमित नहीं है। उनकी कंपनी की वेबसाइट पर स्मार्ट बांस की छड़ी, मोबाइल चार्ज करने वाले जूते, वाहन पंचर समाधान किट, बांस काटने की मशीन और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग से जुड़ी तकनीक जैसे कई प्रयोगों का उल्लेख किया गया है। रवि टम्टा का HAPIDA SKYNEX अभी विकास और परीक्षण के चरण में है, लेकिन इसकी सफल टेस्ट फ्लाइट ने उत्तराखंड के युवा इनोवेटर्स को लेकर नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है। अल्मोड़ा के खुले मैदान में हुए परीक्षण में इसके उड़ान भरने का वीडियो सामने आया है।
सीएम धामी ने दी बधाई
इनोवेटर रवि टम्टा को इस कामयाबी पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी बधाई दी है। सीएम धामी ने कहा- “उत्तराखंड के अल्मोड़ा के युवा इनोवेटर रवि टम्टा जी को ड्रोन तकनीक में नवाचार करते हुए HAPIDA SKYNEX प्रोटोटाइप के सफल उड़ान परीक्षण पर हार्दिक बधाई। आपकी यह उपलब्धि सिद्ध करती है कि हमारे युवाओं में प्रतिभा, नवाचार और वैज्ञानिक सोच की कोई कमी नहीं है। आपका यह अभिनव प्रयास उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। विश्वास है कि आप भविष्य में भी अपने नवाचारों से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएंगे। आपके उज्ज्वल भविष्य एवं निरंतर सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।”
https://x.com/pushkardhami/status/2085677530863010176
युवाओं के लिए बड़ा संदेश
भारत के पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के काफलीखाना जैसे गांव से निकलकर आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में प्रयोग करना रवि टम्टा की कहानी को खास बनाता है। सीमित संसाधनों वाले पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले युवाओं के लिए उनका प्रयास यह संदेश भी देता है कि अगर सोच बड़ी हो और प्रयोग करने का जज्बा हो तो गांव से भी नई तकनीक की शुरुआत की जा सकती है। आने वाले समय में यदि इस तकनीक को सुरक्षा और नियामकीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाता है, तो पहाड़ी क्षेत्रों में परिवहन के नए विकल्पों की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण प्रयोग साबित हो सकता है। फिलहाल काफलीखाना गांव के रवि टम्टा की यह उड़ान केवल एक मशीन की उड़ान नहीं, बल्कि पहाड़ के एक युवा के सपनों और तकनीकी सोच की उड़ान के रूप में देखी जा रही है। (रिपोर्ट: नाहिद खान)
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