
उत्तर भारत में भारी बारिश से आई तबाही
उत्तर भारत के बड़े हिस्सों विशेषरूप से हिमालयी क्षेत्रों में मंगलवार को लगातार बारिश ने कहर बरपाया जहां भूस्खलन हुए, निचले इलाकों में जलभराव हो गया और कई सड़कें व पुल बह गए। जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश की वजह से रियासी जिले की त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले रास्ते पर मंगलवार अपराह्न भूस्खलन हुआ जिसकी चपेट में आने से कम से सात लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। इसके अलावा, जम्मू के डोडा जिले में बारिश से संबंधित अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। भारी बारिश के कारण हिमालय से निकलने वाली नदियां और सहायक नाले उफना गए हैं। बांधों और बैराजों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ना पड़ा, जिससे निचले इलाकों, खासकर पंजाब में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई।
खराब मौसम के कारण 680 सड़कें बंद
खराब मौसम और अगले कुछ दिनों तक स्थिति में सुधार की कोई संभावना नहीं दिखने के कारण पंजाब और जम्मू क्षेत्र में स्कूल बंद करने पड़े। पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में दुकानों के ढह जाने, इमारतों के गिरने और राजमार्गों के टूटने की घटनाएं सामने आईं। राज्य में कुल 680 सड़कें बंद हो गईं, जिनमें मंडी और कुल्लू ज़िले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। यह राज्य पहले ही कई भूस्खलनों और अचानक आई बाढ़ की तबाही झेल रहा है। हिमाचल प्रदेश में सोमवार शाम से पिछले 24 घंटे के दौरान 12 बार अचानक बाढ़ आई, भूस्खलन की दो बड़ी घटनाएं और बादल फटने की एक घटना दर्ज की गई है। लारगी बांध से 20,000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद मंगलवार को ब्यास नदी का जलस्तर और बढ़ गया। इसकी तेज धारा ने मनाली-लेह राजमार्ग के 200 मीटर हिस्से को बहा दिया, जिससे मार्ग बंद हो गया और पर्यटक फंस गए।
18 ट्रेनें रद्द
हिमाचल प्रदेश में चंडीगढ़ और मनाली को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग भी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया। प्रशासन ने लोगों को नदी तटों और भूस्खलन प्रभावित इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। दिल्ली में बारिश के कारण कई इलाकों में भारी जाम और जलभराव हो गया, जिससे सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हुआ। राष्ट्रीय राजधानी में अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश हुई, जहां सामान्य से करीब 60 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। जम्मू में दो दर्जन से अधिक मकान और पुल क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि लगभग सभी जलाशय खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं, जिससे कई निचले इलाके और सड़कें जलमग्न हो गई हैं। कटरा, उधमपुर और जम्मू रेलवे स्टेशन से आने-जाने वाली 18 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं जबकि आपदा के कारण ऑप्टिकल फाइबर क्षतिग्रस्त होने से केंद्र शासित प्रदेश में सभी सेवा प्रदाताओं के कॉल और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बाधित हो गईं हैं।
(इनपुट-भाषा)






































