भारत के ऑटो बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए फ्रेंच कार निर्माता रेनो (Renault) अब नई रणनीति के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है। कंपनी आने वाले वर्षों में अपने पोर्टफोलियो को बड़ा करने और ग्राहकों की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए CNG से लेकर इलेक्ट्रिक तक कई नए मॉडल लॉन्च करने जा रही है। रेनो का यह कदम भारतीय ऑटो सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकता है।
दो प्लेटफॉर्म पर काम करेगी कंपनी
रेनो भारत में दो अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर काम कर रही है। पहला प्लेटफॉर्म RGEP (रेनो ग्रुप एंट्री प्लेटफॉर्म) है, जो 10 लाख रुपये से कम कीमत वाली कारों के लिए तैयार किया गया है। इस प्लेटफॉर्म पर कंपनी ऐसे मॉडल लाएगी, जिनमें फैक्ट्री-फिटेड CNG, नए इंजन और आधुनिक डिजिटल फीचर्स मिलेंगे। दूसरा प्लेटफॉर्म RGMP (रेनो ग्रुप मॉडुलर प्लेटफॉर्म) है, जो बड़े और प्रीमियम सेगमेंट की गाड़ियों के लिए होगा। इस प्लेटफॉर्म के जरिए कंपनी इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों पर फोकस करेगी।
2030 तक 7 नए मॉडल लाने की तैयारी
कंपनी का लक्ष्य है कि वह 2030 तक भारत में अपने मॉडल की संख्या बढ़ाकर 7 कर दे। नए मॉडल में SUV सेगमेंट पर खास जोर रहेगा। हाल ही में लॉन्च हुई नई डस्टर इस रणनीति का हिस्सा है, जबकि आने वाले समय में ब्रिजर जैसी नई SUV भी बाजार में उतारी जाएगी।
CNG से लेकर इलेक्ट्रिक तक पूरी रेंज
रेनो की प्लानिंग है कि वह ग्राहकों को पेट्रोल, CNG, हाइब्रिड या पूरी तरह इलेक्ट्रिक कार के ऑप्शन दे। कंपनी E-Tech तकनीक के जरिए धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ बढ़ेगी। माना जा रहा है कि 2026 से इस बदलाव की शुरुआत हो जाएगी।
भारत बनेगा टेक्नोलॉजी हब
रेनो के लिए भारत सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट का बड़ा केंद्र भी बनता जा रहा है। कंपनी का इंजीनियरिंग सेंटर सॉफ्टवेयर और नई टेक्नोलॉजी पर काम करेगा, जिससे आने वाले मॉडल और ज्यादा एडवांस होंगे।
ऑटो मार्केट में बढ़ेगी कॉम्पिटिशन
रेनो की इस नई रणनीति से भारतीय ऑटो मार्केट में कॉम्पिटिशन और तेज होने की उम्मीद है। ज्यादा विकल्प, बेहतर तकनीक और किफायती कीमत के साथ ग्राहकों को बड़ा फायदा मिल सकता है।





































