नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन से संबंधित विधेयक पर सरकार को घेरने की कोशिश की। इससे पहले राहुल गांधी जब बोलने के लिए खड़े हुए तो उनके हाथों में पट्टी बंधी दिखाई दी। नेता प्रतिपक्ष के हाथों में बंधी पट्टी को देखकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उनसे पूछा कि ‘हाथ में क्या हो गया है?’ इसके जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि ‘चोट लग गई है सर, अंगूठे में लग गई चोट।’ इसके बाद राहुल गांधी ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा।
विधेयकों पर चर्चा के दौरान हुई तीखी बहस
इस बीच लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। इसी कड़ी में राहुल गांधी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रस्तावित विधेयकों का महिला सशक्तीकरण से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा, ‘पूरा विपक्ष मिलकर सरकार के इस प्रयास को विफल करने जा रहा है।’
‘देश के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास’
राहुल गांधी ने महिला आरक्षण विधेयक पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘कुछ सच्चाई यह सदन में बताने की जरूरत है। यह महिला आरक्षण विधेयक नहीं है, इसका महिलाओं के सशक्तीकरण से कुछ लेनादेना नहीं है। 2023 में जो पारित हुआ था वो महिला आरक्षण विधेयक था। यह भारत की महिलाओं के पीछे छिपकर देश के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास है। यह शर्मनाक कृत्य है क्योंकि यह सब भारत की महिलाओं के नाम पर किया जा रहा है।’ उन्होंने सरकार पर जाति जनगणना को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया।
जानें राहुल गांधी ने भाषण में और क्या कहा
राहुल गांधी ने दक्षिण भारत, छोटे राज्यों और पूर्वोत्तर के राज्यों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक ताकत कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘मैं देश भर में अपने दोस्तों, भाइयों और बहनों, दक्षिण के राज्यों, छोटे राज्यों और पूर्वोत्तर के राज्यों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि वे चिंता न करें। हम बीजेपी को भारतीय संघ पर हमला नहीं करने देंगे। आप भारतीय संघ में बराबर के भागीदार हैं। वे भारतीय संघ में आपके प्रतिनिधित्व को छूने का साहस नहीं कर पाएंगे।’







































