अगर आप इस गर्मी में नया AC, फ्रिज या स्मार्टफोन खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपकी जेब पर असर डाल सकती है। आने वाले दिनों में इलेक्ट्रॉनिक सामान की कीमतों में फिर बढ़ोतरी होने वाली है। खास बात यह है कि यह पिछले चार महीनों में तीसरी बार होगा जब कंपनियां दाम बढ़ाने जा रही हैं।
इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों के मुताबिक, अप्रैल के अंत तक एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर, टीवी, वॉशिंग मशीन, स्मार्टफोन और लैपटॉप जैसी चीजें महंगी हो सकती हैं। कुछ कंपनियों ने तो बढ़ोतरी की तारीख भी तय कर दी है, जिससे साफ है कि आने वाले हफ्तों में ग्राहकों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी।
कितनी महंगाई का पड़ेगा असर?
अलग-अलग कैटेगरी में कीमतों में अलग-अलग बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। स्मार्टफोन की कीमतें 10% से 15% तक बढ़ सकती हैं। लैपटॉप 8% से 10% तक महंगे हो सकते हैं। AC, TV, फ्रिज और वॉशिंग मशीन के दाम 5% से 7% तक बढ़ सकते हैं।
कच्चे माल की बढ़ती लागत
इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई कच्चे माल, जैसे प्लास्टिक और केमिकल्स, कच्चे तेल से बनते हैं। कच्चे तेल की कीमतें ऊंची होने से इनकी लागत भी बढ़ गई है। इसका सीधा असर कंपनियों के प्रोडक्शन खर्च पर पड़ रहा है।
मेमोरी चिप की कमी
स्मार्टफोन और लैपटॉप में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप्स की कीमतें भी तेजी से बढ़ रही हैं। इसकी एक बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग है। चिप की कमी के कारण कंपनियों की लागत और बढ़ गई है।
रुपये की कमजोरी भी बनी वजह
डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से विदेश से आने वाले कंपोनेंट्स महंगे हो गए हैं। इससे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की कुल लागत बढ़ रही है, जिसका बोझ आखिरकार ग्राहकों पर ही डाला जा रहा है। इसके अलावा, भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन में दिक्कतों के कारण माल ढुलाई का खर्च भी बढ़ गया है। इससे कंपनियों के लिए सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना महंगा हो गया है।
कंपनियों का क्या है प्लान?
Haier India जैसी कंपनियों ने संकेत दिया है कि 21 अप्रैल से प्रोडक्ट्स के दाम 4% से 7% तक बढ़ाए जा सकते हैं। वहीं, कुछ कंपनियां सीधे कीमत बढ़ाने के बजाय प्रोडक्ट का साइज छोटा करने की रणनीति अपना रही हैं।
ग्राहकों के लिए क्या मतलब?
लगातार बढ़ती कीमतों का मतलब है कि अगर आप इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने की सोच रहे हैं, तो जल्दी फैसला लेना बेहतर हो सकता है। आने वाले समय में ये प्रोडक्ट्स और महंगे हो सकते हैं।





































