शिवसेना (यूबीटी) सांसद Sanjay Raut ने कथित “ऑपरेशन टाइगर” पर पलटवार करते हुए कहा कि अब उनकी पार्टी “ऑपरेशन तुड़वा” यानी ऑपरेशन कुलचना-पीटना शुरू करेगी। संजय राउत ने सवाल उठाया कि संबंधित नेताओं की सुरक्षा इतनी क्यों बढ़ाई गई है। राउत ने ये भी कहा कि अगर हिम्मत है तो बिना सुरक्षा और बिना ईडी-सीबीआई के मैदान में उतरकर दिखाएं। बागियों को भारी-भरकम सुरक्षा दी गई है। अब सिर्फ भारतीय फौज को उतारना बाकी है। इनकी सुरक्षा को लेकर इतना डर क्यों लग रहा है।
राउत ने लगाया सांसदों को 25-25 करोड़ देने का आरोप
संजय राउत ने आरोप लगाया कि सांसदों को 25-25 करोड़ रुपये दिए गए हैं और उन्हें भारी सुरक्षा के बीच लीला होटल से जयपुर शिफ्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि इतना डर आखिर किस बात का है। संजय राउत ने बीजेपी नेता Girish Mahajan के कथित बयान का हवाला देते हुए आगे कहा कि अगर ईडी-सीबीआई उनके हाथ में आ जाए तो वे आधे घंटे में गिरीश महाजन को भी “तोड़” सकते हैं।
गैरमौजूद रहे सांसदों को जारी होगा कारण बताओ नोटिस
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने बताया कि पार्टी की बैठक में तीन लोकसभा सांसद उपस्थित रहे, जबकि अनुपस्थित सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है। उन्हें सात दिनों के भीतर जवाब देना होगा। अगर ऐसा नहीं किया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संजय राउत ने साफ किया कि उनकी लड़ाई सड़क पर, संसद में और कानूनी स्तर पर जारी रहेगी।
उद्धव ठाकरे की पार्टी में टूट लग रही कंफर्म!
गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे की पार्टी में टूट अब कंफर्म लग रही है। दरअसल, संसद भवन में आज (गुरुवार को) उद्धव गुट की बैठक हुई और इस बैठक में 6 बागी सांसदों में से कोई भी नहीं पहुंचा। इस मीटिंग में केवल उद्धव ठाकरे के 3 समर्थक अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ बाजे ही पहुंचे। बैठक के बाद अनिल देसाई ने कहा कि बैठक में नहीं आने वाले बागी सांसदों को शो कॉज नोटिस भेज रहे हैं।
शिवसेना UBT के कौन से 6 सांसद हुए बागी?
उधर, 6 बागी सांसदों ने अलग संसदीय गुट बना लिया है और अपने फैसले की जानकारी लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को दे दी है। जिन 6 सांसदों ने उद्धव सेना से अलग होकर अपना गुट बनाया है, उसमें परभणी से संजय जाधव, यवतमाल वाशिम से संजय देशमुख, मुंबई उत्तर-पूर्व से सांसद संजय दीना पाटिल, शिरडी से सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे, हिंगोली से सांसद नागेश पाटिल और उस्मानाबाद से सांसद ओमराजे निंबालकर शामिल हैं।
ये भी पढ़ें- उद्धव गुट के 6 बागी सांसदों की सुरक्षा बढ़ाई गई, खतरे के इनपुट के बाद लिया गया फैसला







































