अमेरिका और ईरान के बीच डील कब होगी इस बात पर संशय बढ़ता ही चला जा रहा है। दोनों देशों के बीच एक बार फिर से जंग भड़क गई है। ईरान ने अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था। इसके बाद अमेरिका ने भी ईरान के खिलाफ जवाबी हमला किया। इसके बाद ईरान ने भी मिडिल ईस्ट में अमेरिका के कई ठिकानों पर मिसाइल दाग दिए। इस पूरे तनाव के बीच अब ओमान के तट के पास एक जहाज पर हमला किया गया है। AP के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने ईरान के बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी का उल्लंघन करके ईरान से तेल ले जाने की कोशिश कर रहे एक तेल टैंकर पर गोलीबारी की है। अब जानकारी सामने आई है कि इस जहाज पर 24 भारतीय क्रू सवार थे जिनमें से 3 लापता बताए जा रहे हैं। भारत सरकार ने भी जहाज पर हुए इस हमले पर कड़ी आपत्ति जताई है।
विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी अधिकारी को किया तलब
सामने आई जानकारी के अनुसार, भारत सरकार ने ओमान तट के पास जहाज पर हुए हमले को लेकर सख्त रुख अपनाया है। भारत ने ओमान के तट के पास कमर्शियल जहाज ‘सेटेबेलो’ पर हुए हमले की निंदा की है। इस जहाज पर 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। जानकारी के मुताबिक, जहाज पर सवार 21 भारतीयों को बचा लिया गया है, जबकि 3 अभी भी लापता हैं। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के चार्ज डी’अफेयर्स- जेसन मीक्स को तलब किया है। भारत ने क्षेत्र में तनाव कम करने, कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षित नेविगेशन बहाल करने की अपनी मांग दोहराई है। जानकारी के अनुसार, विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) नागराज नायडू ने अमेरिका के चार्ज डी’अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब किया है।
ओमान में भारतीय दूतावास ने क्या बताया?
इससे पहले ओमान में स्थित भारतीय दूतावास ने भी इस घटना के बारे में जानकारी दी थी। दूतावास ने कहा था- “हमें ओमान के तट के पास एक जहाज से जुड़ी घटना के बारे में पता चला है। हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं। हम जल्द ही और जानकारी देंगे।”
ईरान को कीमत चुकानी होगी- ट्रंप
दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर और हमले करने की धमकी दी है। ईरान द्वारा अमेरिकी हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के बाद उनकी ये धमकी सामने आई है। ट्रंप ने बुधवार को कहा- “ईरान की सेना पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। ईरान की ज्यादातर सेना, जैसे कि नौसेना और वायुसेना, अब बची ही नहीं है- वे पूरी तरह हार चुके हैं। ईरान सिर्फ बातें करता है, कोई काम नहीं करता। मिडिल ईस्ट में दादागिरी करने वाला देश अब खत्म हो चुका है। उन्होंने एक ऐसी डील पर बातचीत करने में बहुत ज्यादा समय लगा दिया जो उनके लिए बहुत अच्छी हो सकती थी, अब उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी।”
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