नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने खाड़ी क्षेत्र के भारतीय कामगारों पर बढ़ते हवाई किराए के प्रेशर पर चिंता व्यक्त की है। तन्खा ने मोदी सरकार से अपील करते हुए कहा है कि खाड़ी देशों के लिए किफायती उड़ानें फिर से शुरू की जाएं। ऐसा करने से वहां रहने वाले भारतीय, गर्मियों की छुट्टियों में अपने परिवारों से मिलने के लिए भारत आ सकेंगे।
तन्खा ने 3 मंत्रियों को लिखा पत्र
तन्खा का कहना है कि या तो हवाई किराए में कमी की जाए या फिर सब्सिडी दी जाए। तन्खा ने इस मामले को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस जयशंकर और नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू को पत्र भी लिखा है और बताया है कि हवाई किराए में बढ़ोतरी की वजह से भारतीय कामगार, गर्मियों की छुट्टियों में अपने परिजनों से मिलने खाड़ी देशों से भारत नहीं आ पा रहे हैं।
तन्खा ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र और यूएई में एक करोड़ से अधिक भारतीय रहते और काम करते हैं। उन्हें अपने एंप्लायर से यात्रा के लिए प्रति व्यक्ति 1000 दिरहम का “फिक्स ट्रैवल अलाउंस” मिलता है। अभी तक ये राशि पर्याप्त थी और ये लोग भारत में अपने परिवारों से मिलने के लिए गर्मियों की छुट्टियों में आया करते थे। लेकिन अब हवाई किराया दोगुना हो चुका है और यात्रा के लिए मिलने वाली राशि से वह हवाई यात्रा की टिकट का आधा पैसा भी नहीं जमा कर पा रहे हैं।
तन्खा ने बताया कि जो लोग हर साल खाड़ी देशों से भारत में अपने परिजनों से मिलने के लिए आते थे, वह अब हवाई किराए के बढ़ने की वजह से और आर्थिक बोझ के नीचे दबने से यात्रा नहीं कर पा रहे हैं। तन्खा ने अपने पत्र में तीनों मंत्रियों से अपील की है कि भारत-खाड़ी/यूएई मार्गों पर हवाई किरायों की समीक्षा करें और जून से अगस्त तक इसे किफायती स्तर पर बहाल करें या फिर सब्सिडी प्रदान करें।










































