खाने-पीने की चीजों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण अगस्त में देश की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.82 प्रतिशत हो गई। जुलाई में खुदरा महंगाई दर 4.45 प्रतिशत थी। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने सोमवार को खुदरा महंगाई दर के ताजा आंकड़े जारी किए। इसके अलावा, कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स (CFPI) के आधार पर मापी जाने वाली खाद्य महंगाई दर भी अगस्त में बढ़कर 5.95% हो गई, जो जुलाई में 5.52% थी।
ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही महंगाई
अगस्त में शहरी महंगाई के साथ-साथ ग्रामीण महंगाई में भी बढ़ोतरी हुई, जिसने ओवरऑल खुदरा महंगाई दर पर बुरा असर डाला। आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में शहरी महंगाई दर बढ़कर 4.31 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई में 3.96 प्रतिशत थी। इसके अलावा, ग्रामीण महंगाई दर भी अगस्त में बढ़कर 5.23 प्रतिशत हो गई, जबकि जुलाई में ये 4.84 प्रतिशत थी। इसके अलावा, शहरी खाद्य महंगाई दर अगस्त में बढ़कर 5.64 प्रतिशत हो गई। जबकि, ग्रामीण खाद्य महंगाई दर 6.13 प्रतिशत पर पहुंच गई।
प्याज की महंगाई में दोगुना से ज्यादा बढ़ोतरी
अगस्त में प्याज की महंगाई दोगुना से भी ज्यादा बढ़कर 48.27 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई में 22.54 प्रतिशत थी। पिछले महीने लहसुन की महंगाई भी बढ़कर 43.60 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई में 35.36 प्रतिशत थी। हालांकि, अदरक की महंगाई जुलाई की तुलना में कम होकर 73.82 प्रतिशत रही। जुलाई में ये 83.57 प्रतिशत थी। इसके अलावा, टमाटर की कीमतों में भी कुछ राहत मिली। पिछले साल अगस्त की तुलना में इस साल अगस्त में टमाटर की कीमतें 31.09 प्रतिशत कम हुईं। जबकि आलू की कीमतों में भी 13.14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
इस साल, कौन-से महीने में कितनी रही खुदरा महंगाई दर
| महीना (2026) | खुदरा महंगाई दर (%) |
| जनवरी | 2.75 |
| फरवरी | 3.21 |
| मार्च | 3.40 |
| अप्रैल | 3.48 |
| मई | 3.93 |
| जून | 4.38 |
| जुलाई | 4.45 |
| अगस्त | 4.82 |
चांदी की ज्वैलरी ने भी दिया झटका
अगस्त में महंगाई का दबाव सिर्फ खाने-पीने की चीजों तक ही सीमित नहीं रहा। इस दौरान, रेस्टोरेंट और लाइफस्टाइल से जुड़ी सर्विस की महंगाई दर 8.38 प्रतिशत रही, जबकि ट्रांसपोर्ट की महंगाई दर 4.60 प्रतिशत दर्ज की गई। इसके साथ ही पर्सनल केयर, सोशल प्रोटेक्शन और अन्य तरह के सामान और सेवाओं की महंगाई दर अगस्त में 15.17 प्रतिशत रही। चांदी की ज्वैलरी में महंगाई दर 107.11 प्रतिशत रही। जबकि सोने, हीरे और प्लेटिनम के गहनों की कीमतें पिछले साल की तुलना में 35.53 प्रतिशत ज्यादा रहीं। बताते चलें कि अगस्त में थोक महंगाई दर भी बढ़कर 9.92 प्रतिशत हो गई।
RBI को मिली है महंगाई दर 6 प्रतिशत से नीचे रखने की जिम्मेदारी
भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सीपीआई आधारित महंगाई दर के 5 प्रतिशत पर रहने का अनुमान लगाया है। महंगाई दर के दूसरी तिमाही में 4.7 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.9 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। रिजर्व बैंक ने महंगाई की चिंताओं के बीच हाल ही में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा था। सरकार ने आरबीआई को महंगाई दर को 2 से 6 प्रतिशत के दायरे में बनाए रखने की जिम्मेदारी दी है।
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