
नेशनल हाईवे पर लोगों को अब टोल टैक्स चुकाने के लिए टोल प्लाजा पर लाइन में खडे़ रहने की जरूरत नहीं होगी। जी हां, NHAI द्वारा प्रवर्तित कंपनी भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (IHMCL) ने लोगों को बिना बैरियर वाला टोल एक्सपीरियंस देने के लिए आईसीआईसीआई बैंक के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड NH-48 पर स्थित गुजरात के चोर्यासी टोल प्लाजा पर देश का पहला मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम लागू करने जा रहा है।
चालू वित्त वर्ष में 25 नेशनल हाईवे को MLFF बनाना चाहता है NHAI
बैरियर-फ्री टोलिंग की दिशा में ये एक बड़ा कदम है जिससे फास्टैग के जरिए रुके बिना इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन संभव होगा। गुजरात स्थित चोर्यासी टोल प्लाजा देश का पहला बैरियर-फ्री टोल प्लाजा होगा। इसके अलावा, NH-44 पर स्थित हरियाणा के घरौंदा टोल प्लाजा पर भी मल्टी-लेन फ्री फ्लो आधारित टोल सिस्टम लागू करने के लिए आईसीआईसीआई बैंक के साथ समझौता किया गया है। NHAI चालू वित्त वर्ष के दौरान लगभग 25 नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो आधारित टोल सिस्टम लागू करने की योजना बना रहा है, जिसके लिए टोल प्लाजा की पहचान करने की प्रक्रिया चल रही है।
ज्यादा कुशल, पारदर्शी और यूजर-फ्रेंडली होगा नया टोलिंग सिस्टम
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने इस कहा कि मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम को लागू करने का ये समझौता देश में टोलिंग के विकास और आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण कदम है। टेक्नोलॉजी का फायदा उठाकर, ये एक ज्यादा कुशल, पारदर्शी और यूजर-फ्रेंडली टोलिंग इकोसिस्टम की नींव रखेगा जो नेशनल हाईवे ऑपरेशन्स में प्रौद्योगिकी-संचालित परिवर्तन के हमारे दृष्टिकोण के अनुरूप होगा और इसे देश भर में अपनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
कैसे काम करेगा MLFF सिस्टम
मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोलिंग एक बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम है जो उच्च प्रदर्शन वाले RFID रीडर्स और ANPR कैमरों द्वारा फास्टैग और वाहन पंजीकरण संख्या (वीआरएन) को पढ़कर लेनदेन को सक्षम बनाती है। ये टोल प्लाजा पर गाड़ियों को रोके बिना नॉन-स्टॉप टोल कलेक्शन को सक्षम बनाता है, जिससे भीड़भाड़ और यात्रा का समय कम होता है। इसके साथ ही, इससे ईंधन दक्षता में बढ़ोतरी होती है और उत्सर्जन में कमी आती है। मल्टी-लेन फ्री फ्लो के कार्यान्वयन से टोल रेवेन्यू कलेक्शन में सुधार होगा और देश भर में एक ज्यादा स्मार्ट, तेज और कुशल नेशनल हाईवे नेटवर्क बनाने में भी मदद मिलेगी।






































