ओडिशा में बुधवार को भीतरकनिका राष्ट्रीय उद्यान के पास एक नदी में बर्तन धो रही एक महिला पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। हालांकि, महिला इस हमले में बाल-बाल बच गई। यह घटना केंद्रपाड़ा जिले के महाकालपाड़ा वन क्षेत्र के पेटाछेला गांव में हुई।
बहादुर महिला ने मौत को दी मात
वन अधिकारियों ने बताया कि 54 वर्षीय छबी भुक्ता बर्तन धोने के लिए रामाचंडी नदी में उतरी थीं, तभी अचानक एक मगरमच्छ ने उन पर हमला कर दिया। छबी महाकालपाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती है। छबी ने बताया कि घटना के दौरान वह चीखने लगीं और अपने हाथ में पकड़े चम्मच से उन्होंने मगरमच्छ की आंखों पर हमला करके उसका बहादुरी से मुकाबला किया। डॉक्टरों ने बताया कि इस हमले के कारण महिला के हाथों, पैरों और पेट में चोटें आई हैं। फिलहाल उनका इलाज जारी है।
2 महीने पहले मछुआरे की हुई थी मौत
यह घटना भीतरकनिका के पास कंसला गांव के 54 वर्षीय एक मछुआरे की गोबरी नदी में मछली पकड़ते समय मगरमच्छ के हमले में हुई मौत के ठीक 2 महीने बाद सामने आई है। उस मछुआरे की मौत इस साल 11 मार्च को हुई थी।
मई से जुलाई के बीच क्यों बढ़ते हैं मगरमच्छ के हमले?
भीतरकनिका के सहायक वन संरक्षक मानस कुमार दास ने बताया कि मई से जुलाई के बीच प्रजनन और घोंसला बनाने के मौसम में मगरमच्छों के हमले आम तौर पर बढ़ जाते हैं, क्योंकि इस दौरान ये सरीसृप अंडे देने के लिए अक्सर जमीन पर आ जाते हैं। उन्होंने बताया कि वन विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर भीतरकनिका के आसपास लगभग नदी के 120 घाटों पर अवरोधक लगा दिए हैं और ग्रामीणों को केवल सुरक्षित जलमार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है।
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