भारत निर्वाचन आयोग ने आज 7 मई को असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद आदर्श आचार संहिता हटा दी है। ECI के अवर सचिव प्रफुल्ल अवस्थी की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि 4 मई को मतगणना के बाद इन चारों राज्यों और पुडुचेरी के नतीजे घोषित हो चुके हैं। इसके साथ ही गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा में हुए उपचुनावों के परिणाम भी आ गए हैं। इसलिए इन सभी राज्यों में आचार संहिता तुरंत प्रभाव से खत्म कर दी गई है।
इस एक सीट पर अपवाद
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट (निर्वाचन क्षेत्र क्रमां- 144) पर दोबारा मतदान कराया जाएगा। चुनाव के दौरान गड़बड़ी के कारण आयोग ने यहां फ्रेश पोल का आदेश दिया है। इसलिए सिर्फ फलता सीट पर आचार संहिता अभी लागू रहेगी। आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 29 अप्रैल को फलता में वोटिंग हुई थी। हालांकि, चुनाव आयोग ने गंभीर चुनावी अपराधों का हवाला देते हुए फलता में चुनाव को रद्द कर दिया और 21 मई को फिर से मतदान करने का आदेश दिया है। फलता में चुनाव का परिणाम 24 मई को जारी किया जाएगा।
आचार संहिता हटने से क्या बदलाव होगा?
आपको बता दें कि चुनाव आयोग की ओर से आचार संहिता हटा लेने के बाद अब असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी की सरकारें नई योजनाओं का ऐलान, तबादले, भर्तियां और नीतिगत फैसले ले सकेंगी। निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव की घोषणा करने के बाद से इन सभी कामों पर रोक लगी थी।
कहां कौन जीता?
आपको बता दें कि 5 प्रदेशों में हुए चुनाव में पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई है। वहीं, पुडुचेरी में एनडीए गठबंधन की सरकार को फिर से सत्ता मिली है। तमिलनाडु में चुनाव परिणाम त्रिशंकु रहा है और यहां एक्टर थलापति विजय की पार्टी टीवीके को सबसे ज्यादा 108 सीटें मिली हैं। इसके अलावा केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन ने सरकार बनाई है।
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