
टेक वर्ल्ड में छंटनी की खबरों से घिरे माहौल के बीच अब एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्य नडेला ने संकेत दिया है कि कंपनी अब दोबारा भर्ती शुरू करने जा रही है, लेकिन इस बार गेम बदल चुका है। अब सिर्फ वही लोग नौकरी पा सकेंगे जो AI को समझते हैं, इस्तेमाल करना जानते हैं और उसके साथ काम करने में माहिर हैं।
सत्य नडेला ने BG2 पॉडकास्ट में निवेशक ब्रैड गर्स्टनर से बात करते हुए कहा कि माइक्रोसॉफ्ट अब अपनी वर्कफोर्स को बढ़ाने की तैयारी में है, लेकिन पुराने तरीके से नहीं, बल्कि AI-लेवरेज्ड यानी ज्यादा स्मार्ट और प्रोडक्टिव तरीके से। नडेला ने कहा कि हम हेडकाउंट बढ़ाएंगे, लेकिन अब यह ग्रोथ AI के सहारे होगी, पहले जैसी नहीं।
माइक्रोसॉफ्ट में 2.28 लाख कर रहे नौकरी
माइक्रोसॉफ्ट की मौजूदा वर्कफोर्स करीब 2.28 लाख है, जो 2025 के वित्तीय वर्ष के अंत तक लगभग स्थिर रही। कंपनी ने बीते दो वर्षों में करीब 15,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी। यह छंटनी उस वक्त हुई जब कंपनी ने अपने संसाधनों को AI इंफ्रास्ट्रक्चर, OpenAI पार्टनरशिप और Copilot टूल्स की ओर केंद्रित किया था। अब, नडेला का कहना है कि कंपनी एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है, जहां कम लोग, लेकिन AI की मदद से ज्यादा काम कर पाएंगे। उन्होंने इसे अनलर्निंग और लर्निंग प्रोसेस बताया, यानी कर्मचारियों को अपने पुराने काम करने के तरीकों को छोड़कर AI के साथ नए तरीके अपनाने होंगे।
नडेला ने उदाहरण से समझाया
नडेला ने उदाहरण दिया कि कैसे माइक्रोसॉफ्ट की एक टीम, जो फाइबर नेटवर्किंग ऑपरेशंस संभालती है, उसने AI एजेंट्स बनाकर मेंटेनेंस टास्क को ऑटोमेट कर दिया यानी कम लोग, ज्यादा आउटपुट। उन्होंने AI क्रांति की तुलना 80 के दशक की उस टेक रेवोल्यूशन से की जब स्प्रेडशीट्स और ईमेल्स ने दफ्तरों की दुनिया बदल दी थी। आज वही बदलाव AI लेकर आ रहा है, लेकिन कहीं ज्यादा तेजी से।
14 हजार लोगों की छंटनी
इसी बीच, Amazon ने हाल ही में 14,000 कर्मचारियों की छंटनी की है, जबकि माइक्रोसॉफ्ट उलटी दिशा में चलते हुए AI-फर्स्ट ग्रोथ पर दांव लगा रहा है। नडेला के मुताबिक, “आने वाले साल AI को अपनाने और उसके साथ काम करने का है। असली ग्रोथ तभी दिखेगी, जब हर कर्मचारी AI से अपनी क्षमता को कई गुना बढ़ाए।”






































