भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 2026 टी20 विश्व कप के दौरान संजू सैमसन को शुरुआती मुकाबलों में बाहर रखने के अपने फैसले को याद करते हुए बताया कि विकेटकीपर बल्लेबाज ने उस मुश्किल समय में किस तरह उनका हौसला बढ़ाया था।
विश्व कप की शुरुआत में संजू सैमसन भारतीय अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला में ईशान किशन ने शीर्ष क्रम पर अच्छा प्रदर्शन किया था, जिसके चलते टीम प्रबंधन ने उन्हें सैमसन से आगे मौका दिया। दूसरी ओर, सैमसन भी टूर्नामेंट में खराब लय के साथ पहुंचे थे। ऐसे में शुरुआती मुकाबलों में उन्हें बाहर रखना टीम की रणनीति का हिस्सा बना।
हालांकि, विश्व कप में भारत की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अभिषेक शर्मा पूरी तरह फिट नहीं थे और टीम को ऑफ स्पिन के खिलाफ भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इन परिस्थितियों ने सैमसन के लिए टीम में वापसी का रास्ता खोला। मौका मिलने के बाद उन्होंने ऐसा प्रदर्शन किया कि जल्द ही वह भारतीय अभियान के सबसे अहम खिलाड़ियों में शामिल हो गए।
सूर्यकुमार यादव ने आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में बताया कि सैमसन से उनकी इस फैसले को लेकर बस में बातचीत हुई थी। कप्तान के मुताबिक, सैमसन ने नाराजगी जताने के बजाय टीम की जरूरत को प्राथमिकता दी।
सूर्यकुमार ने बताया कि सैमसन ने उनसे कहा था कि विश्व कप जीतने के लिए जो सही लगे, वही फैसला लें। उन्होंने यह भी भरोसा दिया कि जरूरत पड़ने पर वह तैयार रहेंगे और अपनी तैयारी इस तरह जारी रखेंगे जैसे उन्हें अगला मुकाबला खेलना ही है। सूर्यकुमार ने कहा कि सैमसन की इस सोच ने उन्हें काफी आत्मविश्वास दिया।
गौरतलब है कि सैमसन के प्रति सूर्यकुमार पहले भी अपना भरोसा जाहिर कर चुके थे। 2024 में श्रीलंका दौरे पर सैमसन का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। इसके बाद दलीप ट्रॉफी के दौरान अनंतपुर में सैमसन ने सूर्यकुमार से सलाह मांगी थी। उस समय सूर्यकुमार और टीम के प्रशिक्षक ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें लगातार मौके देने की बात कही थी।
विश्व कप में यह भरोसा आखिरकार रंग लाया। सैमसन ने पांच पारियों में 321 रन बनाए। उनका औसत 80.25 और स्ट्राइक रेट 199.38 रहा। खास तौर पर नॉकआउट मुकाबलों में उनके लगातार दो प्रभावशाली प्रदर्शनों ने भारत को खिताब तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना गया।
लेकिन विश्व कप के बाद सैमसन की स्थिति फिर बदल गई। आईपीएल में उन्होंने 13 पारियों में 477 रन बनाए और औसत 47.7 का रहा। इसके बावजूद आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर तीन नाकामियों के बाद उन्हें अंतिम एकादश से बाहर कर दिया गया। इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और आखिरी टी20 मुकाबले में उन्हें फिर मौका मिला, लेकिन जिम्बाब्वे दौरे की टीम में वह शामिल नहीं थे।
मौजूद जानकारी के अनुसार, सैमसन को आगामी एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में जगह मिली है। ऐसे में विश्व कप के नायक रहे इस बल्लेबाज के लिए राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह दोबारा मजबूत करना अगली बड़ी चुनौती है।




































