अभिजीत दीपके के नेतृत्व वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर से दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही है। इस बीच, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को बेकार बताया है। आठवले ने कहा कि विरोध प्रदर्शन चाहे कितना भी हो, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे। साथ ही उन्होंने चेताया है कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल जारी रहा, तो उनकी पार्टी आंदोलन करेगी।
10 अक्टूबर वाले आंदोलन को लेकर चेताया
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध करने की कोई जरूरत नहीं है। अभिजीत दीपके महाराष्ट्र से हैं और दलित और बौद्ध समुदायों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने पहले भी मुंबई में विरोध प्रदर्शन किए हैं जिनमें NEET पेपर लीक मामले से जुड़ा विरोध भी शामिल है। हालांकि अभी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध करने की कोई जरूरत नहीं है।”
‘ज्ञानेश कुमार की कोई गलती नहीं है’
आठवले ने कहा कि वोटर लिस्ट से अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। कई नागरिक रोजगार के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य जाते हैं इसलिए, उन्होंने वोटर लिस्ट को अपडेट और सही रखने की जरूरत पर जोर दिया। इस मामले में ज्ञानेश कुमार की कोई गलती नहीं है। वह वोटर लिस्ट को सही रखने की कोशिश कर रहे हैं। वह पारदर्शी चुनाव कराने, वोटर लिस्ट की गलतियों को सुधारने और वापस लिए गए अधिकारों को बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसलिए उनके इस्तीफे की मांग करना बेमतलब है।
10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन को रद्द करने की सलाह
आठवले ने दीपके को सलाह दी कि वे 10 अक्टूबर को होने वाले विरोध प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से करें, लेकिन ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग न करें। आठवले ने कहा, “चाहे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ कितना भी विरोध क्यों न करे, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे। उन्हें 10 अक्टूबर का विरोध प्रदर्शन रद्द कर देना चाहिए।”
PM के बारे में अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने पर चेतावनी
आठवले ने पीएम मोदी के बारे में अपमानजनक या बुरा-भला कहने वाली भाषा का इस्तेमाल करने के खिलाफ भी चेतावनी दी। अठावले ने साफ कहा, “अभिजीत दिपके युवा और एक्टिव हैं लेकिन प्रधानमंत्री के बारे में अपमानजनक बातें कहना गलत है। उन्हें सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए। वरना, रिपब्लिकन पार्टी उनके खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन कर सकती है।”
अपनी पार्टी में शामिल होने का दे चुके हैं ऑफर
रामदास आठवले ने पहले अभिजीत दीपके को रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठावले) में शामिल होने का मौका दिया था। उन्होंने दीपके से डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के विज़न को पूरा करने में मदद के लिए रिपब्लिकन पार्टी में शामिल होने का आग्रह किया था। हालांकि, CJP के संस्थापक ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।
‘ज्ञानेश कुमार को नहीं हटाया तो पूरा देश जंतर-मंतर बन जाएगा’
इस बीच आपको बता दें कि अभिजीत दीपके ने 10 अक्टूबर को होने वाले विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा है कि अगर ज्ञानेश कुमार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद से नहीं हटाया गया तो पूरा देश जंतर-मंतर बन जाएगा। उन्होंने कहा, ”हमारी तीन मांगें हैं। पहली, ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, इसके साथ ही उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए और SIR को रोका जाए। हमारी अंतिम मांग है कि निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से की जाए।” उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग महज ”अमित शाह और नरेन्द्र मोदी की पसंद” नहीं होना चाहिए।
वहीं, सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस अलर्ट मोड में नजर आ रही है और हर गतिविधि पर बारीक नजर रखी जा रही है।
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