दिल्ली में मंगलवार को चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ INDIA गठबंधन के सांसदों के विरोध मार्च से AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने दूरी बनाई थी। इस पर ओवैसी का बयान सामने आया है। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के एक कार्यक्रम में ओवैसी ने कहा कि वह INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए इस प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के चयन की मौजूदा प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए इसमें बदलाव की मांग की।
ओवैसी ने आगे कहा, “मैं वहां नहीं गया क्योंकि मैं उस (गठबंधन) का हिस्सा नहीं हूं। ‘बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना’ वाली बात है।” उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन की मौजूदा प्रक्रिया पूरी तरह से कार्यपालिका यानी सरकार के पक्ष में है और इसे बदले जाने की जरूरत है।
CEC के चयन प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
AIMIM प्रमुख ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त का चयन ही मौजूदा व्यवस्था की सबसे बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा, “मुख्य चुनाव आयुक्त को चुनने की प्रक्रिया गलत है। यह पूरी तरह से एग्जीक्यूटिव (BJP) के पक्ष में है। इस प्रक्रिया को बदलने की जरूरत है।” ओवैसी ने सुझाव दिया कि CEC के चयन के लिए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें सरकार के साथ विपक्ष और न्यायपालिका की भी भूमिका हो। उन्होंने कहा कि CJI, प्रधानमंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता मिलकर मुख्य चुनाव आयुक्त का चयन करें।
SIR को बताया ‘पिछले दरवाजे से NRC’
ओवैसी ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने बिहार में SIR प्रक्रिया के दौरान भी आवाज उठाई थी। ओवैसी ने दावा किया कि SIR सही प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने कहा, “यह SIR गलत है। मेरा मानना है कि SIR पिछले दरवाजे से लाया गया NRC है।”
मौजूदा व्यवस्था को किया जाना चाहिए ठीक
असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर CEC की नियुक्ति की प्रक्रिया में बदलाव के लिए कानून में संशोधन की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा व्यवस्था को ठीक किया जाना चाहिए।
INDIA गठबंधन के 19 पार्टियों का विरोध मार्च
बता दें कि मंगलवार को INDIA गठबंधन से जुड़ी 19 पार्टियों ने संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग के कार्यालय तक सड़क पर विरोध मार्च निकाला। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा बैरिकेडिंग में चढ़कर आकाशवाणी भवन के परिसर में जाकर धरने पर बैठ गए। पुलिस की टीम ने मंगलवार रात राहुल और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के अन्य नेताओं को हिरासत में लिया था। कुछ ही देर बाद इन नेताओं को छोड़ दिया गया था।
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