चेन्नई: तमिलनाडु सरकार ने राज्य सरकार की शराब दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारियों की सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। विजय सरकार ने TASMAC कर्मचारियों की सैलरी में 25 प्रतिशत बढ़ा दी है। सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद भ्रष्टाचार पर रोक लगाना और ग्राहकों से शराब की बोतलों के लिए ज़्यादा पैसे वसूलने से रोकना है।
कामकाज में सुधार की पहल
सरकार के मुताबिक, सैलरी में इस बदलाव से ग्राहकों से प्रति बोतल 10 रुपये अतिरिक्त वसूलने की आदत पर रोक लगने की उम्मीद है; TASMAC दुकानों पर अक्सर ऐसी शिकायतें सामने आती रही हैं। यह फैसला सरकार द्वारा राज्य-संचालित शराब की दुकानों के कामकाज में सुधार के लिए उठाए गए हालिया कदमों में से एक है।
भ्रष्टाचार कम होगा, जवाबदेही बढ़ेगी: मंत्री
राज्य सरकार के इस फैसले की जानकारी देते हुए मंत्री विग्नेश ने कहा कि सैलरी बढ़ने से यह सुनिश्चित होगा कि कर्मचारी अब ग्राहकों से तय कीमत से ज़्यादा पैसे नहीं वसूलेंगे। सरकार का मानना है कि बेहतर सैलरी से भ्रष्टाचार कम होगा और TASMAC दुकानों में जवाबदेही बढ़ेगी। विग्नेश ने यह भी कहा कि पिछले 20 सालों में TASMAC कर्मचारियों की सैलरी में ऐसी बढ़ोतरी नहीं की गई थी। सैलरी के नए ढांचे से कर्मचारियों के कल्याण में सुधार होने और ज़्यादा पैसे वसूलने की पुरानी शिकायतों का समाधान होने की उम्मीद है।
तमिलनाडु में TASMAC की 4,765 दुकानें
यह घोषणा मुख्यमंत्री जोसेफ विजय द्वारा पूजा स्थलों, शिक्षण संस्थानों और बस स्टैंड के 500 मीटर के दायरे में चल रही 717 TASMAC शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश देने के कुछ महीनों बाद की गई है। सरकार के अनुसार, तमिलनाडु में 4,765 TASMAC दुकानें हैं, जिनमें से 717 को बंद करने के लिए चुना गया था। इनमें पूजा स्थलों के पास 276, शिक्षण संस्थानों के पास 186 और बस स्टैंड के पास 255 दुकानें शामिल हैं। सरकार ने इन दुकानों को बंद करने के कदम को संवेदनशील सार्वजनिक जगहों पर शराब की आसान उपलब्धता को कम करने के लिए एक सामाजिक सुधार उपाय के तौर पर पेश किया था।
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