लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े तीनों बिल पेश हो गए हैं और इस पर चर्चा चल रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण नारी शक्ति का हक है और जो भी बिल का विरोध करेगा वो चुनाव हारेगा, आरक्षण का विरोध करने वालों को महिलाएं माफ नहीं करेंगी। प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में विपक्षी दलों को ये भरोसा भी दिया कि परिसीमन में किसी भी राज्य के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी लोकसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में अमित शाह ने परिसीमन के मुद्दे पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ये भी बताया कि परिसीमन के बाद दक्षिण भारत के हर राज्य को कितनी लोकसभा सीटें मिलेंगी।
भ्रांति फैलाई जा रही है- अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर लोकसभा में बोलते हुए कहा, “एक सबसे बड़ा नैरेटिव खड़ा किया जा रहा है, भ्रांति फैलाई जा रही है कि यह जो तीन विधेयक हैंः संविधान संशोधन विधेयक और परिसीमन और संघ क्षेत्र के चुनाव के कानून में बदलाव का कानून, यह आने से लोकसभा में दक्षिण की क्षमता कम हो जाएगी और हमारे दक्षिण के राज्यों को बहुत बड़ा नुकसान होगा।”
दक्षिण भारतीय राज्यों की सीटें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर लोकसभा में बोलते हुए कहा, “आंध्र प्रदेश की 25 सीटें हैं, अब की स्थिति में उनका प्रतिशत प्रतिनिधित्व 4.60% है इसमें भी लगभग 50% वृद्धि होगी और सीटें हो जाएंगी 38… तेलंगाना में अभी 17 सीटें हैं और उनकी शक्ति 3.13% है, वृद्धि के बाद 26 सीटें हो जाएगी और 3.18% उनकी क्षमता हो जाएगी। मैं तमिलनाडु की जनता को भी आश्वस्त करता हूं कि आपकी शक्ति कम नहीं होगी बल्कि बढ़ेगी। अभी 39 सांसद तमिलनाडु से चुनकर आते हैं और उनकी क्षमता 7.18% है, वृद्धि के बाद सांसद 59 हो जाएंगे और नए सदन में क्षमता 7.23% हो जाएगी। तमिलनाडु को भी कोई नुकसान नहीं होगा।
कर्नाटक में वर्तमान में 28 लोकसभा सीटें हैं और सदन में उनकी हिस्सेदारी 5.15 प्रतिशत है। परिसीमन के बाद कर्नाटक की लोकसभा सीटें बढ़कर 42 हो जाएंगी। इसके साथ ही लोकसभा में उनकी हिस्सेदारी भी 5.44 प्रतिशत हो जाएगी। कर्नाटक को कोई भी नुकसान नहीं होगा। इसके साथ ही केरल केरल में लोकसभा की 20 सीटें हैं, जो कि सदन में 3.68 प्रतिशत है। परिसीमन विधेयक पारित होने के बाद सांसदों की संख्या 30 हो जाएगी और नए सदन में उनका प्रतिशत 3.67 प्रतिशत होगा।
कुल मिलाकर दक्षिण का जो पूरा नैरेटिव बनाया जा रहा है, अभी 543 सीटों में उनके 129 सांसद बैठते हैं, 23.76% दक्षिण सांसदों की शक्ति यहां है, 50% वृद्धि के बाद 129 की जगह 195 सांसद दक्षिण के होंगे और उनकी शक्ति 23.97% होगी।”
परिसीमन के बाद दक्षिण भारत की सीटें।
‘अगली जनगणना जाति जनगणना होने वाली है’
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर लोकसभा में बोलते हुए कहा, “एक भ्रांति फैलाई जा रही है कि अभी जो प्रश्न पूछे जा रहे हैं उसमें जाति का जिक्र नहीं है। जनगणना दो हिस्सों में होती है, पहले सभी मकानों को इंगित किया जाता है, उसके बाद उन मकानों में रहने वाले लोगों को इंगित किया जाता है। इन्होंने(विपक्ष) कहा कि जाति जनगणना सरकार नहीं कराना चाहती। सरकार की कैबिनेट ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जाति जनगणना करने का निर्णय कर लिया है और अगली जनगणना जाति जनगणना होने वाली है।”
अमित शाह ने प्रियंका गांधी को दिया जवाब
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर लोकसभा में बोलते हुए कहा, “डीलिमिटेशन कमीशन का ज़िक्र था कि आप डीलिमिटेशन कमीशन में अपने लोगों को बैठा देंगे और वे ये-वो करेंगे। मैं प्रियंका गांधी को बताना चाहता हूं कि हमने डीलिमिटेशन कमीशन में कोई बदलाव नहीं किया है। हमने आपके डीलिमिटेशन कमीशन एक्ट को दोहराया है। अगर आपने इसमें हेरफेर किया होगा, तो मैं कह सकता हूं कि हम ऐसा नहीं करेंगे।”
2029 तक पुराने सीटों पर चुनाव होंगे
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर लोकसभा में बोलते हुए कहा, “एक वाकया आया कि तमिलनाडु, बंगाल में चुनाव हो रहे हैं और यह नया एक्ट आ गया। मैं स्पष्टता से कह देता हूं कि यह डीलिमिटेशन कमीशन की रिपोर्ट तब ही लागू होगी जब संसद इसे स्वीकार करेगी और राष्ट्रपति इसपर मंजूरी की मुहर लगाएंगी। यह 2029 से पहले होने का सवाल नहीं है और 2029 तक भी जो चुनाव होंगे वह सारे पुराने सीटों पर होंगे, पुरानी व्यवस्था में होंगे तो अखिलेश यादव को भी डरने की जरूरत नहीं है।”
लोकतंत्र खत्म करने की ताकत किसी में नहीं
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर लोकसभा में बोलते हुए कहा, “जहां तक लोकतंत्र को खत्म करने की बात है, मैं भाजपा कार्यकर्ता के नाते, इस सदन में एक सांसद के नाते कहता हूं कि किसी की भी इस देश से लोकतंत्र को खत्म करने की ताकत नहीं है। जिन्होंने आपातकाल के वक्त प्रयास किए हैं, जनता ने उन्हें खत्म कर दिया, लोकतंत्र को कुछ नहीं हुआ। लोकतंत्र इस तरह खत्म नहीं होता।”
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