पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान के बाद किसी भी पोलिंग बूथ पर दोबारा मतदान की सिफारिश नहीं की गई है। चुनाव आयोग ने बताया कि पश्चिम बंगाल के 44,376 पोलिंग स्टेशन में से किसी पर भी दोबारा वोटिंग की सिफारिश नहीं की गई है। यहां 23 अप्रैल को पहले फेज के दौरान वोटिंग हुई थी। चुनाव आयोग के अनुसार तमिलनाडु के 75064 पोलिंग स्टेशन में से किसी पर भी दोबारा वोटिंग की सिफारिश नहीं की गई है। 23 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान हुआ था। इस दौरान कुल 152 सीटों पर वोटिंग हुई थी और रिकॉर्ड 92 फीसदी मतदाताओं ने अपने अधिकार का इस्तेमाल किया था।
पश्चिम बंगाल ऐसा राज्य है, जहां अक्सर चुनाव के दौरान हिंसा होती है। ऐसे में इस बार सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और बड़े पैमाने पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। इस वजह से लोगों ने बिना डरे मतदान किया और पुराने सारे रिकॉर्ड टूट गए। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने के कारण कहीं भी दोबारा मतदान कराने की जरूरत नहीं पड़ी।
तमिलनाडु में 85 फीसदी मतदान
तमिलनाडु में भी इस बार बंपर मतदान हुआ है। यहां 85 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इस पर राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने खुशी जाहिर की है। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ” ‘यह केवल एक वोट है’ सोचने के बजाय, लोगों ने शायद इस प्रेरणा के साथ वोट दिया कि ‘यह एक समूची पीढ़ी के लिए है’। मैं ऐसे सभी जिम्मेदार नागरिकों की सराहना करता हूं। मुख्यमंत्री ने ‘तमिलनाडु चुनाव 2026 लोकतांत्रिक उत्सव: रिकॉर्ड मतदान; जनता की सराहनीय नागरिक जिम्मेदारी’ शीर्षक वाले पोस्ट में कहा कि हमेशा की तरह, चुनाव बिना किसी बड़ी अप्रिय घटना के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। उन्होंने कहा, “यह देखकर बेहद खुशी हो रही है कि तमिलनाडु के मतदाताओं ने 84.69 प्रतिशत मतदान करके लोकतंत्र की रक्षा करने का अपना कर्तव्य बखूबी निभाया है।” निर्वाचन आयोग के अनुसार, राज्य में 85.15 प्रतिशत मतदान हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा, “तमिलनाडु में मतदान हो चुका है। तमिलनाडु चार मई को जीतेगा। आइए मिलकर जीत हासिल करें।”
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