दिल्ली सरकार ने हाल ही में दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026 को मंजूर दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा 1 जुलाई, 2026 से लागू होने जा रही इस नई नीति के तहत अगले 4 वर्षों में ₹15,000 करोड़ के मेगा बजट का ऐलान किया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य लक्ष्य दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाकर देश की ईवी कैपिटल में बदलना है। दिल्ली की नई ईवी पॉलिसी ने राजधानी दिल्ली सहित पूरे एनसीआर (NCR) के वाहन मालिकों के दिलों की धड़कनें तेज कर दी हैं।पुरानी गाड़ियों के भविष्य से लेकर बाहरी राज्यों के वाहनों के प्रवेश तक, लोगों के सिर पर कई बड़े सवाल मंडरा रहे हैं। आइए विस्तार से इन सवालों के जवाब को जानते हैं।
1. पुरानी पेट्रोल-डीजल और सीएनजी गाड़ियों का क्या होगा?
इस नई पॉलिसी का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मौजूदा पेट्रोल-डीजल या सीएनजी गाड़ियां रातों-रात बंद हो जाएंगी। आप नियमों के दायरे में रहकर अपनी पुरानी गाड़ी चला सकते हैं। हालांकि, दिल्ली के एनजीटी (NGT) नियमों के तहत 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों पर पाबंदी जारी रहेगी। नई नीति के तहत अगर आप अपनी दिल्ली रजिस्टर्ड BS-4 या उससे पुरानी कार को स्क्रैप करके ₹30 लाख से कम की नई इलेक्ट्रिक कार खरीदते हैं, तो सरकार आपको ₹1,00,000 (1 लाख) तक का बंपर स्क्रैपेज बोनस देगी। इसके अलावा, आपका रजिस्ट्रेशन फीस नहीं लगेगा और 1 लाख रुपये की सब्सिडी
2. नई EV पॉलिसी के बाद क्या दूसरे राज्यों की गाड़ी दिल्ली में चल सकेंगी?
हां, बिल्कुल चल सकेंगी। नई ईवी पॉलिसी मुख्य रूप से दिल्ली में नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन और फ्लीट इलेक्ट्रिफिकेशन को कंट्रोल करती है। नोएडा, गाजियाबाद या गुरुग्राम जैसे पड़ोसी राज्यों के नंबर वाली गाड़ियां दिल्ली की सड़कों पर बिना किसी रोक-टोक के आ-जा सकती हैं। हालांकि, उन्हें दिल्ली के मौजूदा प्रदूषण नियमों (PUC) और उम्र सीमा (10 साल डीजल/15 साल पेट्रोल) का कड़ाई से पालन करना होगा।
3. क्या हाइब्रिड कारों को भी इस नई पॉलिसी के तहत कोई सब्सिडी या छूट मिलेगी?
हाइब्रिड कार प्रेमियों के लिए इस पॉलिसी में एक बड़ा झटका लगा है। कैबिनेट ने साफ कर दिया है कि दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026 के तहत हाइब्रिड गाड़ियों को कोई सब्सिडी या वित्तीय इंसेंटिव नहीं दिया जाएगा। सरकार का पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ प्योर बैटरी-इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। हालांकि, टैक्स छूट को लेकर विस्तृत नोटिफिकेशन का इंतजार किया जा रहा है।
4. क्या पेट्रोल-डीजल गाड़ियों के इंश्योरेंस प्रीमियम में बदलाव होगा?
सीधे तौर पर इस पॉलिसी का असर इंश्योरेंस की बेस रेट पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि वह IRDAI द्वारा तय होती है। लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से, पुरानी आईसीई (ICE/पेट्रोल-डीजल) गाड़ियों के रख-रखाव की बढ़ती लागत और उनके स्पेयर पार्ट्स की संभावित कमी के कारण, आने वाले समय में बीमा कंपनियां पुरानी गाड़ियों का थर्ड-पार्टी या कंप्रीहेंसिव इंश्योरेंस प्रीमियम थोड़ा बढ़ा सकती हैं। इसके विपरीत, ईवी गाड़ियों के लिए सरकार और कंपनियां विशेष रियायती इंश्योरेंस पैकेज ऑफर कर रही हैं।
5. नोएडा, गुरुग्राम या गाजियाबाद के निवासी दिल्ली से ईवी गाड़ी खरीदें, तो क्या सब्सिडी मिलेगी?
इस सवाल का जवाब बहुत महत्वपूर्ण है। अगर आप दिल्ली के शोरूम से इलेक्ट्रिक वाहन खरीदते हैं, लेकिन उसका रजिस्ट्रेशन अपने गृह राज्य (जैसे यूपी या हरियाणा) के एड्रेस पर करवाते हैं, तो आपको दिल्ली सरकार की सब्सिडी और रोड टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलेगा। दिल्ली की ईवी नीति का लाभ उठाने के लिए वाहन का दिल्ली (DL) आरटीओ (RTO) में रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है। इसके अलावा, सरकार ने इस बार सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकने के लिए 3 साल का लॉक-इन पीरियड भी रखा है, यानी सब्सिडी पर ली गई गाड़ी को आप 3 साल तक दूसरे राज्य में ट्रांसफर नहीं कर पाएंगे।







































