
भारतीय एयरलाइन कंपनियों ने फ्लाइट कंट्रोल से जुड़े संभावित खराबी के समाधान के लिए एयरबस के a320 फ्लीट के सभी 323 विमानों में सॉफ्टवेयर अपग्रेड का काम पूरा कर लिया है। विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने रविवार को ये जानकारी दी। एयरबस ने शुक्रवार को कहा था कि तीव्र सोलर रेडिएशन की वजह से a320 क्लास के काफी विमानों में फ्लाइट कंट्रोल के लिए जरूरी डेटा खराब हो सकता है और इस समस्या को ठीक करने के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट करने के दौरान परिचालन में बाधा आएगी। भारत की प्रमुख एयरलाइन कंपनियों इंडिगो, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के कुल 338 a320 विमानों को सॉफ्टवेयर अपग्रेड के लिए शुरू में चिन्हित किया गया था।
इंडिगो ने पूरा किया 200 विमानों में सॉफ्टवेयर अपग्रेड का काम
डीजीसीए के एक सीनियर अधिकारी के अनुसार, इनमें से 323 विमान परिचालन में थे, 6 बेस मेंटेनेंस में थे और बाद में पता चला कि एयर इंडिया के फ्लीट में मौजूद 9 विमानों को इस अपग्रेड की जरूरत नहीं है। इंडिगो ने a320 फ्लीट के अपने सभी 200 विमानों पर अपग्रेड पूरा कर लिया है। एयर इंडिया के 113 प्रभावित विमानों में से 100 परिचालन वाले विमानों पर अपग्रेड किया जा चुका है, जबकि 4 बेस मेंटेनेंस में हैं और 9 विमानों को अपग्रेड की जरूरत नहीं पड़ी। एयर इंडिया एक्सप्रेस के a320 फ्लीट के अपने 23 विमानों पर अपग्रेड हो चुका है।
एयरबस ने शुक्रवार को जारी किया था बयान
बताते चलें कि शनिवार को दुनियाभर की एयरलाइन कंपनियों ने कमर्शियल ऑपरेशन्स में इस्तेमाल किए जाने वाले एयरबस के A320 एयरक्राफ्ट के सॉफ्टवेयर को अपडेट किया, जिसकी वजह से कई फ्लाइट में देरी हुई और कई को रद्द करना पड़ा। जांच में पता चला कि पिछले महीने JetBlue के एक विमान के ऊंचाई से अचानक नीचे आने में कंप्यूटर कोड की गड़बड़ी शामिल हो सकती है। एयरबस ने शुक्रवार को बताया कि जेटब्लू की उस घटना की जांच से पता चला कि सूरज की तेज किरणें (सोलर रेडिएशन) A320 फ्लीट के एयरक्राफ्ट के फ्लाइट कंट्रोल को खराब कर सकती हैं।






































