मंगलुरु कुकर धमाके के आरोपी शारिक को 10 साल की सजा सुनाई गई है।नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की एक विशेष अदालत ने मंगलुरु कुकर धमाका मामले में आतंकी आरोपी मोहम्मद शारिक को 10 साल की सख़्त क़ैद की सज़ा सुनाई है। शारिक ने अदालत के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया था। आइए जानते हैं कि ये घटना क्या थी और इसे कैसे अंजाम दिया गया था।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 19 नवंबर, 2022 को मंगलुरु में कंकनडी के पास हुई थी। जांचकर्ताओं ने बताया कि शारिक कथित तौर पर कदरी मंजूनाथ मंदिर में बम लगाने जा रहा था, तभी रास्ते में ही धमाका हो गया, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई। इस धमाके में शारिक खुद भी घायल हो गया था। इस धमाके में ऑटो ड्राइवर पुरुषोत्तम पुजारी भी घायल हो गए थे। लगभग तीन महीने तक इलाज चलने के बाद, शारिक को पूछताछ के लिए NIA की हिरासत में ले लिया गया। एजेंसी ने बाद में अपनी जांच पूरी की और इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी।
ISIS से प्रभावित था शाकिर
आपको बता दें कि शारिक ने पंपवेल इलाके तक जाने के लिए एक ऑटो किराए पर लिया था। शारिक अपने बैग में कुकर बम ले जा रहा था। जब ऑटो कंकनाडी इलाके से गुजर रहा था तब बम फट गया और इससे वह और ऑटो चालक घायल हो गए। पुलिस ने आगे बताया कि शारिक आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठनों से प्रभावित था और वह डार्क वेब के माध्यम से उनसे जुड़ा था।
जांच में क्या सामने आया था?
पुलिस को मैसूरु स्थित शारिक के घर से बम बनाने की सामग्री मिली थी, जिसे उसने फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करके किराए पर लिया था। जब इस मामले में परिसरों की तलाशी ली गई थी तो भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, माचिस की डिब्बी, नट बोल्ट और सर्किट बरामद हुए थे। छ खरीदारी ऑनलाइन और कुछ ऑफलाइन की गई थी।







































