देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। अलीगढ़ में ₹700 करोड़ की लागत से बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा। मैक्सवोल्ट एनर्जी इंडस्ट्रीज लिमिटेड के इस प्रोजेक्ट से राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन और एनर्जी स्टोरेज से जुड़े उद्योगों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि इस परियोजना से सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिलने की संभावना है।
सरकारी बयान के मुताबिक, अलीगढ़ में मैक्सवोल्ट एनर्जी की नई यूनिट करीब 6 एकड़ जमीन में तैयार की जाएगी। परियोजना का भूमि पूजन भी किया जा चुका है। प्लांट को दो चरणों में विकसित करने की योजना है और पूरी क्षमता पर यहां हर साल 10 GWh बैटरी का उत्पादन किया जा सकेगा। कंपनी की पहले से चल रही दुहाई यूनिट को मिलाकर उसकी कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता करीब 12.5 GWh तक पहुंचने की उम्मीद है।
EV के लिए बनेंगी बैटरियां
अलीगढ़ प्लांट में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के साथ-साथ एनर्जी स्टोरेज और दूसरे इस्तेमाल के लिए बैटरियां बनाई जाएंगी। इनमें दो पहिया, तीन पहिया और चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी शामिल होगी। इसके अलावा अलग-अलग ऑटो कंपनियों यानी ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) के लिए भी विशेष उत्पादन लाइनें तैयार की जाएंगी। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जरूरी बैटरी की घरेलू सप्लाई मजबूत होने के साथ राज्य में EV से जुड़े दूसरे कारोबारों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
1500 से 2000 लोगों को मिलेगा सीधा रोजगार
इस प्रोजेक्ट का एक बड़ा असर रोजगार के क्षेत्र में देखने को मिल सकता है। सरकारी अनुमान के मुताबिक, प्लांट से 1,500 से 2,000 प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी। वहीं करीब 7500 से 10,000 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने का अनुमान है। अप्रत्यक्ष रोजगार में बैटरी के कंपोनेंट सप्लायर, लॉजिस्टिक्स, इंजीनियरिंग, सर्विस और सप्लाई चेन से जुड़े कारोबार शामिल हो सकते हैं।
सालाना ₹6,800 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर की क्षमता
सरकार के अनुसार, पूरी क्षमता पर चलने के बाद इस परियोजना में सालाना ₹6,800 करोड़ से ज्यादा के टर्नओवर की क्षमता हो सकती है। इससे केवल एक फैक्ट्री को फायदा नहीं होगा, बल्कि उसके आसपास कंपोनेंट सप्लायर और दूसरे औद्योगिक कारोबार भी विकसित हो सकते हैं। उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने कहा कि इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट राज्य में बैटरी और EV मैन्युफैक्चरिंग का पूरा औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करने में मदद करेंगे। उन्होंने बताया कि 2025-26 में राज्य में रिकॉर्ड 4,500 औद्योगिक इकाइयां चालू हुईं।
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