दिल्ली के सत्य निकेतन में हाल ही में हुए बिल्डिंग हादसे के बाद ओडिशा सरकार ने भी राज्य में कमजोर और असुरक्षित इमारतों की सुरक्षा को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के बाद ओडिशा सरकार ने राज्य में सरकारी और निजी इमारतों की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि कमजोर इमारतों के कारण किसी तरह की दुर्घटना न हो।
कमजोर मकानों को ध्वस्त किया जाएगा
ओडिशा के आवास एवं शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने बताया कि शहरों में मौजूद कमजोर सरकारी इमारतों को गिराने की कार्रवाई की जा रही है। मंत्री के मुताबिक, जो सरकारी भवन काफी कमजोर हो चुके हैं और लोगों के लिए सुरक्षित नहीं हैं, उन्हें ध्वस्त किया जाएगा। इसके साथ ही असुरक्षित निजी इमारतों को लेकर भी कार्रवाई की जाएगी। ऐसी इमारतों के मालिकों को उन्हें गिराने के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे।
जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों को भी नोटिस जारी
मंत्री ने बताया कि कई कमजोर स्कूल भवनों और आंगनवाड़ी केंद्रों को गिराने के लिए पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। यानी केवल सरकारी कार्यालय ही नहीं, बल्कि बच्चों के पढ़ने और आंगनवाड़ी जैसी जगहों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है। मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने यह भी बताया कि शहरों की सीमा के अंदर मौजूद असुरक्षित इमारतों को गिराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को ऐसी इमारतों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है और सरकार इस पूरे मामले पर सख्त नजर रख रही है।
संभावित हादसों को रोकना सरकार की मकसद
बता दें कि दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद ओडिशा सरकार की इस कार्रवाई का मकसद कमजोर और जर्जर इमारतों से होने वाले संभावित हादसों को रोकना है। फिलहाल राज्य में ऐसी इमारतों की पहचान और उन्हें हटाने की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जा रहा है। दरअसल, दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक पांच मंजिला इमारत गिर गई। इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई है, जबकि 5 लोग घायल हैं। घटना के बाद 27 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। पीजी ओनर हरिराम को पुलिस ने राजस्थान के भिवाणी से गिरफ्तार कर लिया गया है। (इनपुट- शुभम कुमार)
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