
दशकों के इंतजार के बाद, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट गुरुवार, 25 दिसंबर से ऑपरेशन के लिए तैयार है। यह नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट न केवल मुंबई एयरपोर्ट के दबाव को कम करेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। एयरपोर्ट ऑपरेटर के अनुसार, पहले दिन इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस, अकासा एयर और स्टार एयर अपनी घरेलू सेवाएं शुरू करेंगी। पहले दिन भारत के 9 शहरों के लिए 15 उड़ानें संचालित होंगी। शुरुआती चरण में एयरपोर्ट सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक (12 घंटे) सक्रिय रहेगा। फरवरी 2026 से यहां 24 घंटे परिचालन शुरू करने की योजना है। शुरुआती चरण में यहां से 13 गंतव्यों के लिए रोजाना 24 उड़ानें संचालित करने की क्षमता होगी।
प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट टर्मिनल की वास्तुकला भारत के राष्ट्रीय फूल ‘कमल’ से प्रेरित है, जिसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ सांस्कृतिक पहचान का समावेश किया गया है। एयरपोर्ट के पहले चरण को ₹19,650 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। 1,160 हेक्टेयर में फैले इस एयरपोर्ट की क्षमता पहले चरण में 2 करोड़ (20 मिलियन) यात्री प्रति वर्ष है। पांचों चरणों के पूरा होने के बाद, यह सालाना 9 करोड़ यात्रियों को सेवा प्रदान करने में सक्षम होगा।
1997 से 2025: एक लंबा सफर
परिकल्पना: सबसे पहले 1990 के दशक (1997) में सिडको (CIDCO) द्वारा इसकी योजना बनाई गई थी।
शिलान्यास: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में इसकी आधारशिला रखी थी।
उद्घाटन: इस साल 8 अक्टूबर को पीएम मोदी ने इसका औपचारिक उद्घाटन किया।
नेतृत्व: 2021 से, अडानी एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) ने इस प्रोजेक्ट के निर्माण और परिचालन की जिम्मेदारी संभाली है।
यात्रियों के लिए क्या है खास?
डिजियात्रा: पहले दिन से ही यात्रियों को बिना संपर्क प्रोसेसिंग की सुविधा मिलेगी।
सुविधाएं: एयरपोर्ट पर किफायती रिटेल आउटलेट्स और स्थानीय स्वाद को ध्यान में रखते हुए फूड एंड बेवरेज (F&B) की व्यवस्था की गई है।
कनेक्टिविटी: यहां मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और समर्पित कार्गो टर्मिनल की भी योजना है।
स्वामित्व और साझेदारी
यह प्रोजेक्ट एक स्पेशल पर्पस व्हीकल ‘नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड’ के तहत विकसित किया गया है, जिसमें अडानी समूह की 74% और सिडको 26% हिस्सेदारी है। इस हवाई अड्डे के शुरू होने से मुंबई अब ‘मल्टी-एयरपोर्ट सिस्टम’ वाले दुनिया के प्रमुख शहरों की श्रेणी में शामिल हो गया है। इससे न केवल हवाई यात्रा सुगम होगी, बल्कि आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।






































