देश की आधी आबादी के लिए आज ऐतिहासिक दिन है क्योंकि आज लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर शाम 4 बजे वोटिंग होगी। इससे पहले नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर गुरुवार देर रात तक संसद सत्र जारी रहा। संसद में देर रात तक महिलाओं के आरक्षण, संविधान संशोधन और परिसीमन से जुड़े तीन बिलों पर चर्चा चलती रही। कई बार लोकसभा की कार्यवाही बढ़ाई गई। पहले सदन की कार्यवाही पहले रात 11 बजे तक बढ़ाई गई। इसके बाद 12 बजे तक, फिर 1 बजे तक और आखिर में सांसदों के बोलने तक चलती रही। इस दौरान सदन में बड़ी संख्या में सांसद मौजूद रहे और बिल पर हो रही चर्चा में हिस्सा लिया।
स्पीकर बोले- आज पुरुषों का समय नहीं
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने महिला सांसदों की भागीदारी और मौजूदगी की तारीफ की। उन्होंने कहा, ”महिला आरक्षण बिल पर प्रतिबद्धता देखो, इतनी देर रात तक महिलाएं सदन में बैठी हैं। सदन में गिनती कर लो, आज पुरुषों का समय नहीं है।” सदन की कार्यवाही के दौरान एक-एक महिला सांसदों से पूछ-पूछकर उन्हें बोलने का मौका दिया गया।
रात 1 बजे तक क्या-क्या हुआ?
- बिल पर चर्चा- सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही पक्ष और विपक्ष के तमाम नेताओं ने इस बिल पर चर्चा की। गृह मंत्री अमित शाह, अखिलेश यादव, गौरव गोगोई, प्रियंका गांधी, कंगना रनौत, केसी वेणुगोपाल और असदुद्दीन ओवैसी समेत तमाम नेताओं ने अपनी बात रखी।
- बिल के प्रस्ताव पर वोटिंग- दोपहर 12 बजे बिल के प्रस्ताव पर वोटिंग हुई। पक्ष में 251 वोट पड़े जबकि विरोध में 185 वोट पड़े।
- पीएम मोदी का भाषण- सदन की कार्रवाई के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 अप्रैल को दोपहर 3 बजे लोकसभा में भाषण दिया।
- लोकसभा में देर रात बिल पर बहस चली। संसद में लोकसभा की कार्यवाही कई बार आगे बढ़ानी पड़ी। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला हर महिला सांसद को बोलने का मौका देना चाहते थे।
- इसके बाद संसद में देर रात तक संसद में तीन बिलों पर चर्चा चली। 17 अप्रैल को देर रात 1:20 बजे सदन की कार्रवाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इसकी घोषणा की।
PM मोदी ने क्या कहा?
महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान गुरुवार को पीएम मोदी ने लोकसभा में सभी पार्टियों के इसका समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस बिल को राजनीतिक तराजू से न तौलें। पीएम मोदी ने विपक्ष के नेताओं को समझाया कि इस बिल का सपोर्ट करने में विपक्ष का भी फायदा है। साथ ही उन्होंने विपक्ष को बता दिया कि जिसने भी देश की महिलाओं का विरोध किया। महिलाओं ने उन्हें माफ नहीं किया है। उन्होंने इस बिल पर 33 फीसदी महिला आरक्षण पर सर्वसम्मति की अपील की।
विपक्ष की क्या है मांग?
विपक्षी पार्टियां महिला आरक्षण बिल के समर्थन में हैं लेकिन महिला आरक्षण बिल के साथ डिलिमिटेशन जुड़ जाने ने विपक्ष इसके खिलाफ है। विपक्ष की मांग है कि सरकार महिला आरक्षण बिल और डिलिमिटेशन से अलग करें। समाजवादी पार्टी की मांग है कि महिलाओं को आरक्षण सीटों पर नहीं बल्कि पार्टियों के अंदर होना चाहिए। वहीं, विपक्ष का आरोप है कि महिला आरक्षण बिल को लेकर सरकार की नीयत साफ नहीं है।
प्रियंका गांधी ने क्या आरोप लगाए?
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार इस बिल के जरिए संविधान को खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार यह विधेयक लाई है क्योंकि वह OBC को भागीदारी नहीं देना चाहती है। प्रियंका ने कहा, ”2011 की जनगणना को परिसीमन का आधार बनाकर पीएम मोदी ओबीसी वर्ग का हक छीनना चाह रहे हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी ऐसा कभी नहीं होने देगी।” उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी ने जिस ”राजनीति की बू” का जिक्र किया, वह इस विधेयक में पूरी तरह घुली हुई है।
सरकार ने देश की महिलाओं से कहा, जी ले अपनी जिंदगी- कंगना
वहीं प्रियंका के आरोपों पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने जोरदार पलटवार किया। कंगना ने पीएम मोदी को सबसे बड़ा नारीवादी बताया और एक चर्चित फिल्म के संवाद का हवाला देते हुए कहा कि ”सरकार ने देश की बेटियों और महिलाओं से कहा है, सारे पिंजरे टूट गए, सारी दीवारें टूट गईं, जा जी ले अपनी जिंदगी।” कंगना ने हिन्दी फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ के मशहूर डायलॉग ‘जा सिमरन, जी ले अपनी जिंदगी’ का जिक्र करते हुए यह टिप्पणी की।
कांग्रेस नेताओं पर बोला हमला
कंगना ने बिलों को लेकर सरकार के इरादे पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस पर हमला किया और कहा कि सत्ता में रहते हुए विपक्षी दल ने इसे लंबे समय तक लटकाए क्यों रखा। उन्होंने कांग्रेस नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि वे सवाल करते हैं कि सरकार विधेयक लाने में इतनी जल्दबाजी क्यों कर रही है। उन्होंने कहा कि क्या सरकार को इसे लटकाए रखना चाहिए? रनौत ने कहा कि उन्हें लगता है कि पीएम मोदी महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए जल्दबाजी कर रहे हैं। जो 60 वर्ष में नहीं हुआ, वह उन्होंने 10 वर्ष में कर दिखाया।
अमित शाह ने लोकसभा में सीटों का अंकगणित समझाया
दक्षिण की पार्टियों की मांग है कि हर राज्य को पार्लियामेंट में बराबर अहमियत और रिप्रेजेंटेशन मिलना चाहिए। इस पर गृहमंत्री अमित शाह ने साफ कर दिया है कि सीटों में 50 परसेंट की बढ़ोतरी की योजना से दक्षिण भारत के हर राज्य को ज्यादा सीटें मिलेंगी। कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल सभी राज्यों में 50 फीसदी सीटों में इजाफा होगा।
परिसीमन के बाद दक्षिण भारत की सीटें।
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