
राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (NHAI द्वारा प्रायोजित InvIT) का इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) बुधवार, 11 मार्च 2026 से बोली के लिए खुल गया है। यह इशू 13 मार्च 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध रहेगा। ट्रस्ट का लक्ष्य इस IPO के ज़रिए से कुल लगभग 6,000 करोड़ रुपये जुटाना है। कंपनी ने प्राइस बैंड 99 से 100 रुपये प्रति यूनिट तय किया है। यह पूरी तरह फ्रेश इशू (60 करोड़ यूनिट जारी की जा रही हैं) है। इसमें न्यूनतम लॉट साइज़ 150 यूनिट् है। निचले प्राइस बैंड (99 रुपये) पर न्यूनतम निवेश लगभग 14,850 रुपये है और ऊपरी प्राइस बैंड (100 रुपये) पर न्यूनतम निवेश 15,000 रुपये है। IPO खुलने से पहले ही ट्रस्ट ने 73 एंकर निवेशकों से 1,728 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इनमें घरेलू बीमा कंपनियां, म्यूचुअल फंड तथा विभिन्न पेंशन फंड शामिल हैं।
ट्रस्ट को जान लीजिए
राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्टको भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने प्रायोजित किया है। यह ट्रस्ट 22 दिसंबर 2025 को SEBI के InvIT नियमों के तहत रजिस्टर्ड हुआ था। इसका मुख्य उद्देश्य भारत में चालू सड़क अवसंरचना परिसंपत्तियों (विशेष रूप से टोल रोड प्रोजेक्ट्स) का अधिग्रहण, संचालन और रखरखाव करना है।
फर्म के आय का मुख्य स्रोत
ट्रस्ट की आय मुख्य रूप से टोल संग्रह से होगी। यह पांच ऑपरेशनल हाईवे खिंचाव (कुल लगभग 260 किमी) पर टोल इकट्ठा करेगा। इसके अलावा ट्रस्ट हाईवे रखरखाव, मरम्मत, ट्रैफिक मैनेजमेंट, सुरक्षा व्यवस्था और टोल प्लाजा ऑपरेशन जैसी जिम्मेदारियां भी संभालेगा। कंपनी आईपीओ से जुटाई राशि (लगभग 5,850 करोड़ रुपये) का इस्तेमाल प्रोजेक्ट SPVs में ऋण और इक्विटी निवेश के लिए किया जाएगा। इससे NHAI को परियोजनाओं का कंसेशन वैल्यूपेमेंट होगा, जबकि बाकी राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों में खर्च होगी।
किसके लिए कितना रखा है रिजर्व
75% यूनिट्स योग्य संस्थागत खरीदारों (QIBs) के लिए रिजर्व रखा गया है, वहीं 25% यूनिट्स रणनीतिक निवेशकों के लिए आरक्षित किया गया है। राजमार्ग इंफ्रा इनविट IPO का GMP आज के हिसाब से ₹- है।
क्या है एक्सपर्ट ओपिनियन
जानकारो का कहना है कि यह InvIT भारत की लंबी अवधि की इंफ्रास्ट्रक्चर वृद्धि से फायदा उठा सकता है, क्योंकि इसका आय स्थिर टोल कलेक्शन और लंबी अवधि के कंसेशन एग्रीमेंट पर आधारित है। उनका यह भी कहना है कि ट्रस्ट के पास ऑपरेशनल टोल रोड पोर्टफोलियो है, जिससे स्थिर कैश फ्लो की संभावना है। हालांकि, इंफ्रा सेक्टर में उच्च कर्ज और नीतिगत जोखिम भी रहते हैं। एसबीआई कैपिटल मार्केट्स, एक्सिस कैपिटल, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज और मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स लीड मैनेजर हैं, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज रजिस्ट्रार है।





































