कर्नाटक में मुख्यमंत्री को बदलने और कैबिनेट फेरबदल का मामला एक बार फिर से तूल पकड़ने लगा है। प्रदेश के कई कद्दावर मंत्री दिल्ली के दौरे पर हैं, इससे पहले भी 18 विधायकों ने कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात कर राज्य में कैबिनेट फेरबदल की मांग की थी। अगले महीने कर्नाटक के मामले पर कांग्रेस आलाकमान फैसला ले सकती है। कल देर रात सतीश जारकीहोली और महादेवप्पा ने कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात की थी (दोनों सीएम के करीबी हैं)। आज भी बीके हरिप्रसाद और के एच मुनियप्पा कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात की है।
आलाकमान ने 4 मई तक इंतजार करने को कहा
आज राज्य में मंत्री के एच मुनियप्पा और हरियाणा के कांग्रेस पार्टी के प्रभारी बी के हरिप्रसाद ने भी कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात की और कैबिनेट विस्तार और प्रदेश की राजनीति पर चर्चा की है। राज्य के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार सत्ता परिवर्तन का दबाव लगातार पार्टी आलाकमान पर बना रहें हैं तो वहीं, मौजूदा मुख्यमंत्री चाहते है कि सता परिवर्तन की बजाय कैबिनेट में फेरबदल किया जाए। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस आलाकमान की तरफ से राज्य इकाई को 4 मई तक इंतजार करने के लिए कहा गया था।
सिद्धारमैया के करीबी का बड़ा बयान
कर्नाटक में एक बार फिर से नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के सामने आने के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के एन राजन्ना ने भी मंगलवार को बड़ा बयान दिया है। राजन्ना ने कहा है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया राहुल गांधी के निर्देशानुसार सत्ता त्यागने या शीर्ष पद पर बने रहने- दोनों के लिए ही तैयार हैं। बता दें कि राजन्ना मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के करीबी नेता माने जाते हैं। उन्होंने पार्टी नेतृत्व में बदलाव के विचार का भी समर्थन किया। बता दें कि उनका इशारा कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डी के शिवकुमार की ओर माना जा रहा है जिनके समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं।
दूसरी ओर कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच कर्नाटक के मंत्री जी परमेश्वर ने भी बड़ा बयान दिया है। गृह मंत्री जी परमेश्वर ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस आलकमान जल्द ही इस मुद्दे पर ‘प्रतिक्रिया देने वाला है और आलाकमान का फैसला सभी को स्वीकार्य होगा।
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