पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी की बड़ी हार हुई है। इस बार बंगाल में कमल खिल गया है। बंगाल में अब बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने वाला है। राज्य की मुखिया रहीं ममता बनर्जी भी खुद चुनाव हार गई हैं। बंगाल चुनाव परिणाम को लेकर कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया का बयान सामने आया है।
सत्ता विरोधी लहर की वजह से हारीं चुनाव
बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए सिद्धारमैया ने कहा, ‘देखिए, ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में 15 साल तक सत्ता में रहीं, 15 साल तक उन्होंने 3 चुनाव जीते, मुझे लगता है कि शायद सत्ता विरोधी लहर ने एक भूमिका निभाई होगी।’
SIR में 91 लाख वोट भी हुए प्रभावित
इसके साथ ही कर्नाटक के सीएम ने कहा, ‘मैं वहां नहीं गया हूं, मैंने पश्चिम बंगाल का दौरा नहीं किया है, तीन बार शासन के बाद सत्ता विरोधी लहर लाजमी है। ममता बैनर्जी के अनुसार लगभग SIR में 91 लाख वोट प्रभावित हुए होंगे। ये भी एक कारण हो सकता है। मैं निश्चित रूप से नहीं कह सकता क्योंकि मेरे पास इसकी सटीक जानकारी नहीं है।’
बंगाल में बीजेपी को मिलीं 207 सीटें, 80 पर सिमटी TMC
बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों की बात करें तो यहां बीजेपी ने 207 सीटों जीत दर्ज की है। ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस को केवल 2 सीटें मिली हैं। AJUP को 2 सीट मिली हैं। सीपीआई(एम) को सिर्फ 1 सीट मिली है। बंगाल की 1 सीट पर AISF ने जीत दर्ज की है।
ममता बनर्जी खुद हारीं अपना चुनाव
यहां सबसे ज्यादा गौर करने वाली बात ये हैं कि सीएम ममता बनर्जी खुद अपना चुनाव भवानीपुर सीट से हार गई हैं। ममता बनर्जी को बीजेपी के नेता शुभेंदु अधिकारी ने हराया है, जो कभी उनकी ही पार्टी के नेता हुआ करते थे।





































