4 मई घोषित हुए चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव परिणामों ने देश की राजनीति में कई बड़े फेरबदल किए हैं। पश्चिम बंगाल में जहां बीजेपी ने 15 साल के ममता बनर्जी के शासन को ढहा दिया, तो वहीं तमिलनाडु में ‘थलापति’ विजय की नई पार्टी TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। केरल की बात करें तो यहां हर पांच साल में सरकार बदलने का रिवाज फिर से लौट आया है।
केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने 102 सीटों के साथ भारी बहुमत हासिल किया। वहीं, असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में NDA ने लगातार तीसरी बार सत्ता बरकरार रखी है। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के नतीजों की बात करें तो यहां भी NDA (AINRC और भाजपा गठबंधन) अपनी सत्ता बचाने में कामयाब रहा है।
इन चुनावी नतीजों के बीच, कई ऐसे बड़े चेहरे रहे, जिन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। आइए जानते हैं वे कौन-कौन से बड़े चेहरे रहे?
हारने वाले बड़े नेता
- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी का अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से हारना इस चुनाव का सबसे चौंकाने वाला परिणाम रहा।
- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को उनकी सुरक्षित मानी जाने वाली कोलाथुर सीट पर हार मिली।
- पश्चिम बंगाल कांग्रेस के सबसे बड़े चेहरे अधीर रंजन चौधरी भी इस बार अपनी सीट नहीं बचा सके। बहारामपुर सीट से हार गए।
- असम में कांग्रेस के भविष्य के रूप में देखे जा रहे गौरव गोगोई और अनुभवी नेता देबब्रत सैकिया को भी शिकस्त झेलनी पड़ी।
- ममता कैबिनेट की मंत्री शशि पांजा श्यामपुकुर से, जबकि मौसम नूर मालतीपुर से हार गईं।
जिनके सिर सजा जीत का ताज
- पश्चिम बंगाल की भवानीपुर सीट से बीजेपी नेता सुभेंदु अधिकारी ने शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से करारी शिकस्त दी।
- कोलकाता की राशबिहारी सीट से बीजेपी नेता स्वपन दासगुप्ता ने जीत हासिल की। उन्होंने देबासिस कुमार (देबा) को 20,865 वोट से हराया है।
- पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद की राजनीति के दिग्गज खिलाड़ी हुमायूं कबीर ने दोनों सीटों- नोवदा और रेजीनगर से जीत हासिल की है।
- असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जलुकबारी सीट से बड़े अंतर से जीत हासिल की है। वे असम में बीजेपी के सबसे मजबूत चेहरा हैं और उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है।
- तमिलनाडु की एडप्पडी सीट से पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी पलानीस्वामी ने अपनी पारंपरिक सीट पर कब्जा बरकरार रखा। AIADMK के लिए यह बहुत बड़ी राहत वाली जीत है।
- केरल के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने धरमादम सीट से फिर से जीत हासिल की। वामपंथी गठबंधन में वे अभी भी मजबूत दिख रहे हैं।
- पुदुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री और AINRC सुप्रीमो ने मंगलम सीट से जीत दर्ज की। वे स्थानीय स्तर पर बेहद लोकप्रिय नेता माने जाते हैं।






































