महाराष्ट्र के लातूर जिले में पेट्रोल-डीजल खरीदने के लिए अफरा-तफरी मच गई। पेट्रोल और डीजल की कथित कमी के कारण सोमवार को कई पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी-लंबी लाइनें देखने को मिलीं। अधिकारियों और व्यापारियों के अनुसार, थोक सप्लायरों द्वारा स्थानीय पंप संचालकों को पेट्रोल-डीजल की सप्लाई रोकने से ये स्थिति उत्पन्न हुई है, जिससे जिले में पेट्रोल और डीजल की किल्लत जैसी स्थिति बन गई है। कई पेट्रोल पंपों पर ‘डीजल उपलब्ध नहीं है’ और ‘पेट्रोल उपलब्ध नहीं है’ के बोर्ड भी लगा दिए गए, जबकि कुछ पंप सीमित मात्रा में ही पेट्रोल और डीजल की बिक्री कर रहे थे।
टैंकर ड्राइवरों को सप्लायर परिसर में नहीं दी जा रही एंट्री
पेट्रोल पंप संचालकों ने बताया कि थोक ईंधन डिपो सोलापुर में स्थित है, जहां लातूर जिले से गए टैंकर पेट्रोल-डीजल लेने के लिए लंबी लाइनों में खड़े हैं। हालांकि, उनका आरोप है कि टैंकर ड्राइवरों को सप्लायर परिसर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा, जिससे पेट्रोल-डीजल लाने में देरी हो रही है। कई पेट्रोल पंप भंडार खत्म होने के कारण पूरी तरह बंद भी रहे। इस स्थिति से घबराहट में खरीदारी बढ़ गई। पंप संचालकों ने कहा कि सप्लाई बहाल करने की कोशिशें की जा रही है और जल्द ही स्थिति सामान्य करने की कोशिश है।
कुछ पंपों ने पर्याप्त भंडार होने के बावजूद जान-बूझकर बंद की बिक्री
इस बीच, कुछ पंप द्वारा पर्याप्त भंडार होने के बावजूद जान-बूझकर बिक्री बंद करने की शिकायतों पर कार्यवाहक जिला कलेक्टर राहुल कुमार मीणा ने सभी पंप संचालकों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारी ने कहा कि नए निर्देशों के अनुसार, पंप संचालक उपलब्ध भंडार होने पर किसी भी स्थिति में बिक्री बंद नहीं करेंगे और ग्राहकों को पेट्रोल-डीजल देने से मना नहीं करेंगे। अनावश्यक प्रतिबंध लगाने से बचना होगा और निर्धारित समय के दौरान पंप खुले रखने होंगे।







































