नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के सीनियर नेता और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि ममता सरकार के खिलाफ लोगों में भयंकर नाराजगी थी और जनता उसे उखाड़ फेंकना चाहती थी। उन्होंने कहा कि यह बीजेपी या आरएसएस की जीत नहीं बल्कि बंगाल की जनता की जीत है। धर्मेंद्र प्रधान ने रासबिहारी और भवानीपुर में अपने डोर टू डोर कैंपेन का जिक्र किया और बताया कि उन्होंने उस दौरान लोगों के अंदर की भावना देखी और उसी वक्त उन्होंने यह भांप लिया था कि इस बार बंगाल की जनता मौजूदा सरकार को उखाड़ फेंकना चाहती है।
यह रिजल्ट चमत्कारिक नहीं स्वाभाविक है-धर्मेंद्र प्रधान
धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि बंगाल का रिजल्ट चमत्कारिक नहीं है यह स्वाभाविक है। क्योंकि बंगाल की राजनीति पर नजर रखने वाले जानते थे कि मौजूदा सरकार जा सकती है। 2021 के बाद से जिस तरह से उनका रवैया रहा। बीजेपी के अभ्युदय के बाद जिस तरह से उन लोगों ने अत्याचार शुरू किया उससे धीरे-धीरे लोगों में आक्रोश बढ़ा और लोगों ने अपना जनादेश दे दिया।
चुनाव आयोग का जताया आभार
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पिछले चुनावों से अलग माहौल इस चुनाव में देखने को मिला। मैं चुनाव आयोग का आभार प्रकट करना चाहता हूं कि उन्होंने निष्पक्ष चुनाव कराया, हिंसा नहीं हुई। यह बंगाल के लिए एक रिकॉर्ड है। भय और आतंक के राज को खत्म किया। पैसा, भय और डर का जवाब लोगों ने दिया है। धर्मेंद्र प्रधान ने तालडांगरा विधानसभा सीट का जिक्र करते हुए कहा कि वहां तो पार्टी का 30-32 साल के लड़के ने टीएमसी के कद्दवार नेता को 50 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हरा दिया। वहां की जनता ने उसे जिता दिया।
अमित शाह और पीएम मोदी के बारे में क्या बोले प्रधान?
वहीं गृह मंत्री अमित शाह से जुड़े सवाल पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अमित शाह ने ने कोलकाता में 15 रात बिताया है। छोटे से लॉज में जाकर रहे। वे पार्टी के अनन्य कार्यकर्ता हैं। उनकी सामाजिक समझ,सामाजिक नेतृत्व बहुत ही स्पष्ट है। छोटी-छोटी बैठकें करके हर जगह की जानकारी लेना। कैसे लोगों के साथ मिलकर अपने लक्ष्य को हासिल करना है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और मेहनत ही बीजेपी के हर कार्यकर्ता की पूंजी है। पीएम मोदी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बड़ी जनसभाओं के बाद मंच के नीचे बूथ कार्यकर्ताओं के साथ भी मीटिंग करते हैं। उन्हें दिशा-निर्देश भी देते हैं।
वहीं घर-घर जाकर पार्टी का स्टीकर लगाने और पर्चा बांटने के सवाल पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हम पार्टी के सामान्य कार्यकर्ता हैं। मैं ममता दीदी के घर के आसपास घूम रहा था वहां काली मंदिर के पास गुप्त गंगा नदी है। ममता दीदी के घर के पास महज 50 फीट की दूर पर किस तरह से लोग रहते हैं। ममता दीदी ने कभी उनका ध्यान नहीं रखा।
विपक्ष के आरोपों पर क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान?
विपक्ष के आरोपों पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि केरल में क्या हुआ? आप कैसे जीते? आप जीते तो सही, अन्य कोई जीते तो गलत। विशेषकर राहुल जी मैं यह देखने को मिलता है कि मैं ही मैं हूं। सामंतवादी मानसिकता से ग्रस्त हैं। दूसरा देश के बारे में उनके पास कोई आइडिया नहीं है। वे रोबोट बन चुके हैं। राहुल गांधी मानसिक संतुलन खो चुके हैं। वे दिवालिया हो चुके हैं। वे देश को जागीर मानते हैं। वे खुद को राजा समझते हैं। वहीं ध्रुवीकरण के सवाल पर उन्होंने कहा कि क्या घुसपैठियों को यहां महत्व देना चाहिए क्या? यह मूलभूत सवाल है। हम रोहिंग्या को क्यों संभालेंगे?






































