आने वाले दिनों में व्यापारियों को किए जाने वाले UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगना शुरू हो सकता है। दरअसल, सरकार मर्चेंट्स को किए जाने वाले 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) या चार्ज के तौर पर 0.25% से 0.40% तक का चार्ज वसूल करने की मंजूरी दे सकती है। हालांकि, एक व्यक्ति के साधारण यूपीआई अकाउंट से दूसरे व्यक्ति के साधारण यूपीआई अकाउंट को की जाने वाली पेमेंट पर किसी तरह का कोई चार्ज नहीं लगेगा।
वित्त मंत्री ने पेश किया टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को संसद में ‘टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल’ पेश किया। इस बिल में बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स पर नोटिफाइड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड पर MDR लगाने की रोक हटाने की बात कही गई है। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि इस प्रस्ताव को कब लागू किया जाएगा, इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
दूध, सब्जी, किराने, ऑटो-टैक्सी वाली यूपीआई पेमेंट्स पर नहीं पड़ेगा असर
सरकारी अनुमानों की मानें तो 2,000 रुपये की लिमिट सभी UPI ट्रांजैक्शन के 5% हिस्से को कवर करता है। लेकिन कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू में इन ट्रांजैक्शन का हिस्सा 65% है। इससे दूध, सब्जी और किराने के सामान जैसी चीजों की खरीदारी या ऑटो-टैक्सी के इस्तेमाल के लिए किए जाने वाले पेमेंट पर असर पड़ने की संभावना बहुत कम है। जुलाई में लगभग 23.7 अरब यूपीआई ट्रांजैक्शन हुए थे, जिनकी कुल वैल्यू 29.9 लाख करोड़ रुपये थी।
95 प्रतिशत ट्रांजैक्शन पर नहीं लगेगा मर्चेंट डिस्काउंट रेट
एक अधिकारी ने बताया कि अगर इसे लागू भी किया जाता है, तो 95% ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट नहीं लगेगा। इसके अलावा, सभी बिजनेस ये फीस ग्राहकों पर नहीं डालेंगे और ये रकम भी कम होगी।”
चार्ज की जाने वाली कुल रकम पर सीलिंग फिक्स कर सकती है सरकार
इंडस्ट्री के लोगों का कहना है कि सरकार चार्ज की जाने वाली कुल रकम पर एक मैक्सिमम लिमिट (सीलिंग) फिक्स कर सकती है। इंडस्ट्री से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि क्रेडिट कार्ड के उलट, यूपीआई ट्रांजैक्शन में किसी तरह का कोई फंडिंग कॉस्ट शामिल नहीं होता है, इसलिए कॉस्ट कवर होने के बाद एक मैक्सिमम लिमिट तय करना सही रहेगा।”
क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर वसूला जाता है MDR
बताते चलें कि अभी क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड पर MDR वसूला जाता है, लेकिन ज्यादातर मर्चेंट इसे ग्राहकों पर नहीं डालते हैं। क्रेडिट कार्ड MDR के मामले में, जहां फीस रेगुलेटेड नहीं है, ये ट्रांजैक्शन वैल्यू का 3% तक हो सकता है। 20 लाख रुपये तक के डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन के लिए 0.40% की लिमिट है और 20 लाख रुपये से ज्यादा वैल्यू के लिए ये 0.90% है।
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