भारतीय रेलवे जल्द ही टिकट बुकिंग सिस्टम में एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है, जिससे यात्रियों को तत्काल और सामान्य टिकट बुक करने में अब भारी राहत मिलेगी। नए हाई-स्पीड बुकिंग सिस्टम के आने के बाद टिकट की मारामारी काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद है। रेलवे का दावा है कि यह नया सिस्टम एक मिनट में करीब 1.5 लाख टिकट प्रोसेस करने में सक्षम होगा।
फिलहाल रेलवे की टिकट बुकिंग क्षमता लगभग 32,000 टिकट प्रति मिनट के आसपास है। इसी वजह से पीक टाइम पर वेबसाइट स्लो हो जाती है, सर्वर डाउन होने की समस्या आती है और कई बार पेमेंट फेल भी हो जाता है। खासकर तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नया हाई-स्पीड सिस्टम कैसे करेगा काम
नया सिस्टम पूरी तरह से आधुनिक डिजिटल तकनीक पर आधारित होगा, जिसे CRIS (रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र) द्वारा विकसित किया जा रहा है। यह सिस्टम पहले की तुलना में कई गुना तेज होगा और लाखों यूजर्स के एक साथ लॉगिन और बुकिंग रिक्वेस्ट को आसानी से संभाल सकेगा। रेलवे का लक्ष्य है कि टिकट बुकिंग प्रक्रिया को स्मूद, तेज और सुरक्षित बनाया जाए, ताकि यात्रियों को किसी तरह की दिक्कत न हो।
ऑनलाइन टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव
आज के समय में लगभग 89% टिकट ऑनलाइन बुक किए जाते हैं, जबकि सिर्फ 11% टिकट काउंटर से लिए जाते हैं। ऐसे में नया सिस्टम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को और मजबूत बनाएगा। इससे वेबसाइट की स्पीड बढ़ेगी और कंफर्म टिकट मिलने की संभावना भी बेहतर होगी।
यात्रियों को क्या होंगे फायदे
नए सिस्टम से यात्रियों को कई बड़े फायदे मिलेंगे। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बुकिंग प्रोसेस बहुत तेज हो जाएगी। इसके अलावा वेबसाइट क्रैश होने, पेमेंट फेल होने और लॉगिन एरर जैसी समस्याएं काफी कम हो जाएंगी। इसके साथ ही सीट चयन, तत्काल टिकट बुकिंग और सुरक्षा सिस्टम भी पहले से बेहतर हो जाएगा।
डिजिटल भारत की ओर बड़ा कदम
रेलवे का यह कदम डिजिटल इंडिया मिशन को भी मजबूती देगा। तेज और सुरक्षित टिकटिंग सिस्टम से न केवल यात्रियों का एक्सपीरिएंस बेहतर होगा, बल्कि रेलवे की काम करने की क्षमता भी कई गुना बढ़ जाएगी।






































