
शिवराज सिंह चौहान
नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने मंगलवार को स्पष्ट किया कि उन्होंने इस पद के बारे में कभी नहीं सोचा और न ही किसी ने उनसे इस विषय में बात की है।
शिवराज चौहान ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनका पूरा ध्यान कृषि और किसानों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, “मेरे हर रोम में खेती और सांस में किसान है।” उन्होंने अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य कृषि उत्पादन बढ़ाना, किसानों की आय में वृद्धि करना और ग्रामीण क्षेत्रों का विकास करना है।
“किसानों की सेवा मेरे लिए भगवान की पूजा”
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय का दायित्व सौंपा है, जिसे वे ‘पूजा’ की तरह कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “किसानों की सेवा मेरे लिए भगवान की पूजा है और यही पूजा मैं करते रहना चाहता हूं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह लखपति दीदी योजना को सफल बनाने के लिए भी काम कर रहे हैं।
भाजपा अध्यक्ष पद पर जारी हैं अटकलें
बता दें कि भाजपा के मौजूदा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा का कार्यकाल दो साल पहले ही समाप्त हो चुका था, जिसके बाद उन्हें विस्तार दिया गया। पार्टी के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता है। 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद अमित शाह को अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद 2020 में जे.पी. नड्डा ने यह पद संभाला था। नड्डा का कार्यकाल समाप्त होने के कारण नए अध्यक्ष के चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें जारी हैं, जिसमें कई नामों के साथ शिवराज सिंह चौहान का नाम भी शामिल था। हालांकि, चौहान ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। (इनपुट- भाषा)
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