ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का हेलीकॉप्टर सोमवार शाम को खराब मौसम के कारण निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भुवनेश्वर में लैंड नहीं कर सका। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों और तेज हवाओं को देखते हुए पायलट ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए हेलीकॉप्टर को पुरी की ओर मोड़ दिया।
क्यों करनी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग?
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर भुवनेश्वर में उतरने वाला था, लेकिन उस समय मौसम अचानक खराब हो गया। तेज हवाएं चल रही थीं और उड़ान के लिए परिस्थितियां अनुकूल नहीं थीं। ऐसे में पायलट ने स्थिति का आकलन करने के बाद हेलीकॉप्टर को सुरक्षित स्थान पर उतारने का फैसला लिया।इसके बाद हेलीकॉप्टर को पुरी के सामंगा स्थित अस्थायी बस स्टैंड पर सुरक्षित रूप से उतारा गया। हेलीकॉप्टर के अचानक वहां उतरने से इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों के बीच इसे लेकर काफी उत्सुकता देखने को मिली।
हेलीकॉप्टर सुरक्षित जमीन पर उतरा
हेलीकॉप्टर के उतरते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने तुरंत सुरक्षा व्यवस्था संभाली और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित बनाया। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए गए। बताया जा रहा है कि मौसम की खराब स्थिति और तेज हवाओं के कारण यह निर्णय लिया गया। पायलट ने पूरी सावधानी बरतते हुए हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग कराई। इस दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई और हेलीकॉप्टर सुरक्षित रूप से जमीन पर उतरा।
बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे
घटना के बाद कुछ समय तक सामंगा बस स्टैंड क्षेत्र में लोगों की आवाजाही और गतिविधियां बढ़ गईं। मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर के वहां उतरने की खबर तेजी से फैल गई, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी गई और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया। खराब मौसम के कारण मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर को भुवनेश्वर के बजाय पुरी में उतारने का यह फैसला पूरी तरह सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया। (रिपोर्ट: शुभम कुमार)
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